Devil, You Are Mine - 9 in Hindi Love Stories by Miss Anonymous books and stories PDF | Devil, You Are Mine - 9

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Devil, You Are Mine - 9

आगे...!

मिसेज मल्लिक ने ईशान की तरफ़ देखा फिर अपने पति को.....वो कुछ नहीं बोली। तभी पिछे से दादी की कड़क आवाज़ आई ।

दादी- क्या तुम दोनों का ड्रामा हो गया? दोनों बाप-बेटे अपने लड़ाई में हमारी बहु को मत लाओ। सब अंदर चलो।

सब चुपचाप अंदर आ गए। ईशान इधर-उधर देखते हुए बोला- आदि कहां है? वो कैसा है?

उसने अभी अपनी बात कही ही थी की अद्वैत सिटी बजाते हुए घर के अंदर आया और जैसे ही उसने ईशान को देखा वो उसके तरफ आया और जल्दी से उसके पैर छुकर उसके गले लग गया। 

ईशान ने उसे खुद से दूर किया और उसे ऊपर से निचे तक चेक किया फिर तीखी नजरों से अपनी दादी को देखा। उसके चेहरे पर बहुत गुस्सा नज़र आ रहा था।

वो गुस्से से एक तेज़ नज़र से सबको देखा और बाहर की तरफ जाने लगा तभी दादी मां बोली- आपको हमारी कसम अगर आप इंडिया छोड़कर वापस कहीं दूसरे देश गए तो।

ईशान गुस्से से वहां से तेज़ी से निकल गया। सुधा जी उनके पिछे जाना चाहती थी मगर उनके कानों से उनकी सास की रौबदार आवाज़ टकराई- उसे जाने दिजिए वो गुस्से में है... झूठ बोलकर लाएं हैं उसे। कुछ दिनों में आ जाएगा।

फिर वो अपने कमरे की तरफ चली गई। बाकी सब भी अपने अपने कमरे में चले गए।आज संडे था।सब घर पर ही थे।

यहां दादी कमरे में आते ही श्रुति को कॉल करती है। श्रुति कॉल उठाती है।

दादी जल्दी से- कहां हो?

श्रुति- एअरपोर्ट जा रही हुं।।

दादी-ओह..! इस बार भी वहीं जा रही हो?

श्रुति बस हम्म कहती है। 

दादी- कहां रहोगी?

श्रुति एक गहरी सांस लेकर- वहीं जहां हमेशा रहती हुं। वैसे आपको क्या हुआ?

दादी उदास होकर- वो उसे जैसे ही सच पता चला गुस्से से चला गया। 

श्रुति थोड़ी देर की चुप्पी के बाद- अच्छा...! मैं रखती हुं। 

फिर कैब ड्राइवर को साइड में रूकने बोल कार से उतर उससे टीककर खड़ी हो गई। उसकी आंखें झुकी हुई थी।

कुछ देर बाद वो वापस बैठ गई और ड्राइवर वहां से आगे बढ़ गया।

इधर श्रुति का कॉल काटकर दादी एक लंबा मैसेज टाइप करके एक नंबर पर भेज देती। कुछ ही देर में वहां दो ब्लू टीक के साथ ओके मैसेज आ जाता है।।

दूसरी तरफ,
      ईशान रफ तरिके से कार ड्राइव कर रहा था। बगल के सिट पर उसका अस्सिस्टेंट बैठा था। वो डरते हुए बोला- आपकी दादी का मैसेज आया है।

ईशान ने तेज़ी से ब्रेक मारा और उसके हाथ से फ़ोन लेकर मैसेज पढ़ने लगा। उसने भवें उठाकर जैसे ही कुछ टाइप करना स्टार्ट किया। उसके असिस्टेंट ने डरते हुए कहा- बॉस रावत मान नहीं रहा आपको खुद वहां जाना होगा और वो अभी वहीं है जहां दादी ने आपको जाने को कहा है।

ईशान उसके कुछ पल घूरता है फिर ओके मेसेज कर देता है और असिस्टेंट के तरफ़ फोन उछाल कर कहा- एक फ्लाइट की टीकेट बुक करो।

उसने कार मोड़कर एअरपोर्ट की तरफ बढ़ा दी।

कपूर हाउस,
         सबलोग खाना खाकर हॉल में बैठे हुए थे। आयुष्मान आर्यन के गोद में बैठा हुआ था। वो उसके सिने से लगा हुआ। राशि आर्यन के बाजू पकड़ कर उसके कंधे पर सर रखकर बैठी हुई थी। साइड में ही सरस्वती जी बैठकर चैनल चेंज कर रही थी।

थोड़े देर बाद उन्होंने ने एक मूवी लगा दी। आयुष्मान इधर-उधर देखते हुए बोला- श्रुति बुई कहां है?

आर्यन- हां...वो तूफान कहां है?

सरस्वती जी उन्हें तिरछी नजरों से देखकर- मेरी बच्ची ने तुम्हारा क्या बिगाड़ा है। और वो कोई तुफान नहीं है।मेरी प्यारी सी गुड़िया है और वो घुमने गई है।

तीनों चुपचाप बिना कुछ कहे कुछ देर उनका मुंह ताकते रहे और फिर मुड़कर टीवी देखने लगे।

एअरपोर्ट....!

श्रुति ने ड्राइवर को पैसे दिए और एअरपोर्ट की चेकिंग से गुजरते हुए सिटिंग एरिया के तरफ़ बढ़ गई। वहां बैठकर वो अनाउंसमेंट का इंतेज़ार करने लगी।

कुछ देर में फलाइट की अनाउंसमेंट हुआ और वो फ्लाइट बोर्ड करने चली गई। 

कुछ देर बाद फ्लाइट टेक ऑफ कर गई। उसने अपने बगल वाली सीट देखी जो खाली थी।।वो उठकर उसपर बैठ गई क्योंकि वो विंडो सिट थी।

अभी कुछ मिनट ही हुए थे के उसके कानों में एक मर्दाना आवाज़ पड़ी- एक्सक्यूज मी बेटा दिस इज माई सिट।

खुद के लिए बेटा सुनकर श्रुति ने देखा तो एक लड़का खड़ा था जिसने अपने चेहरे पर एक मास्क लगा रखा था। उसे देखकर साफ पता चल रहा था उसकी उम्र कोई बहुत ज्यादा नहीं है।

ज्यादा से ज्यादा 29,30 साल का होगा। श्रुति ने उसे ऊपर से निचे तक देखा और अपना चश्मा एडजस्ट करते हुए बोली- लुक मिस्टर...जाइए और अपनी आंखों का इलाज कराइए। मैं कोई छोटी सी बच्ची नहीं हुं जिसे आप बेटा कहें।

वो लड़का उसके चेहरे को कुछ पल तक देखता रहा फिर उसे चिढ़कर  बोला- मोहतरमा वो मेरी सिट है। आप उठने का कष्ट करेंगी?

श्रुति उससे जैसे ही वापस बहस करने वाली थी उसे कुछ याद आया और वो उठकर वापस अपने सिट पर बैठ गई।वो लड़का भी अपने जगह पर बैठ गया।

श्रुति ने मोबाइल फ्लाइट मोड पर किया और कान में इयरफोन लगाकर अपनी आंखें बंद कर ली।

वो लड़का भी अपने आंखें बंद कर लेता है। कुछ देर बाद श्रुति को अपने कंधे पर भार फिल होता है वो आंखें खोलकर देखती है तो ये वही लड़का था ।

वो कुछ नहीं बोली और चुपचाप वापस अपनी आंखें बंद कर ली। कुछ घंटे बाद उनकी फ्लाइट लैंड हो गई।

उस लड़के ने अपनी आंखें खोली तो उसे अपने कंधे पर कुछ भारी महसूस हुआ। उसने देखा कि ये वही लड़की है तो वो जोर से बोला- अगर आपका सोना हो गया तो उठिए और मुझे भी जाने दिजिए।

श्रुति उसकी तेज़ आवाज़ से हड़बड़ा कर उठी और उसे घूरकर देखा फिर उठते हुए बोली- अकडु कहीं का...😐
मैंने तो इसे निंद से डिस्टर्ब नहीं किया था मगर ये... फिर उसे कोसते हुए आगे बढ़ गई।

आधे घंटे बाद,
       वो बनारस एअरपोर्ट के बाहर खड़ी होकर कैब देख रही थी। थोड़े ही देर में उसे एक कैब मिला।वो उसमें बैठ गई मगर तभी दूसरे साइड से भी कोई आकर उस कैब में बैठ गया।

श्रुति और उस इंसान ने एक समय पर एक-दूसरे को देखा और जोर से कहा- आप. . . ?,,,,,,,, तुम ?????

To be continued. . . . . . !