Jhansi - 3 in Hindi Drama by Piyu soul books and stories PDF | झांसी: सौदा, कर्ज और बदला - 3

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झांसी: सौदा, कर्ज और बदला - 3

Episode 3: अनजाना रिश्ता, छुपा हुआ खेल

शाम ढल चुकी थी।राठौड़ हवेली रोशनी से जगमगा रही थी—बाहर से सब कुछ शाही, भव्य… पर भीतर का माहौल अजीब-सा ठंडा था।

गाड़ी जैसे ही हवेली के बड़े दरवाज़े के सामने रुकी,भार्गवी ने पहली बार उस जगह को ध्यान से देखा।ऊँची-ऊँची दीवारें…भारी लोहे का गेट…और अंदर—हर कोने पर खड़े लोग।ये घर कम…एक किला ज़्यादा लग रहा था।“उतरिए,”मिहिर की ठंडी आवाज़ आई।भार्गवी बिना कुछ कहे नीचे उतरी।उसका दुपट्टा हवा में हल्का-सा लहराया—पर उसकी चाल में कोई हिचक नहीं थी।जैसे वो यहाँ आई नहीं…बल्कि किसी मकसद से आई हो।

अंदर कदम रखते ही—ढोल-नगाड़ों की आवाज़ गूंज उठी।“राठौड़ परिवार की बहू आ गई!”किसी ने ऊँची आवाज़ में कहा।

औरतें इकट्ठा हो गईं।फुसफुसाहटें शुरू हो गईं—“यही है वो लड़की…”“गरीब घर से आई है…”“देखना, कितने दिन टिकती है…”भार्गवी सब सुन रही थी।लेकिन उसके चेहरे पर कोई असर नहीं था।अचानक—एक औरत आगे बढ़ी।भारी साड़ी, तेज़ आँखें…चेहरे पर सख़्ती।“रुको।

”वो मिहिर की माँ थी—रानी राठौड़।उसकी नजर सीधे भार्गवी पर थी।“बहू बनकर आई हो…तो इस घर के नियम भी मानने होंगे।”भार्गवी ने धीरे से सिर झुका दिया।“जी।”“यहाँ आवाज़ ऊँची नहीं होती…और सवाल कम किए जाते हैं।”एक पल के लिए—भार्गवी की आँखों में हल्की-सी चमक आई।

लेकिन अगले ही पल—वो फिर शांत हो गई।रात—कमरे में सन्नाटा था।भारी दरवाज़ा बंद होते ही—शादी की सारी भीड़, शोर… सब गायब हो गया।

अब बस दो लोग थे—मिहिर… और भार्गवी।कुछ पल दोनों खामोश रहे।फिर मिहिर ने कोट उतारते हुए कहा—“एक बात साफ कर दूँ…”उसकी आवाज़ धीमी थी…पर सख्त।“ये शादी सिर्फ नाम की है।

”भार्गवी ने उसकी तरफ देखा।“मुझे भी कोई दिलचस्पी नहीं है,”उसने उतनी ही शांति से जवाब दिया।मिहिर थोड़ा चौंका।उसे शायद ये जवाब उम्मीद नहीं था।“अच्छा है,”वो हल्का-सा मुस्कुराया।“कम से कम झंझट नहीं होगा।”भार्गवी ने कुछ नहीं कहा।वो खिड़की के पास जाकर खड़ी हो गई।

बाहर अंधेरा था…लेकिन उसकी नजर कहीं और थी।“तुम डरी नहीं?”मिहिर ने अचानक पूछा।भार्गवी ने पीछे मुड़कर देखा।“किससे?”“इस सब से…इस घर से…मुझसे…”कुछ सेकंड की खामोशी।फिर—“डर तो उन्हें लगता है…जिनके पास खोने के लिए कुछ होता है।”उसकी आवाज़ में एक अजीब-सी गहराई थी।

मिहिर ने पहली बार उसे ध्यान से देखा।ये लड़की…वैसी नहीं थी जैसी दिखती थी।उसी समय—दरवाज़े के बाहर हल्की-सी आहट हुई।

जैसे कोई खड़ा हो।भार्गवी की नजर तुरंत दरवाज़े पर गई।उसकी आँखों में पहली बार…सतर्कता दिखी।“किसी ने सुना,”उसने धीमे से कहा।मिहिर ने दरवाज़ा खोला—बाहर कोई नहीं था।बस लंबा-सा गलियारा…और दूर जाती हुई परछाईं।“हवेली है…यहाँ आवाज़ें गूंजती रहती हैं,”मिहिर ने casually कहा।

लेकिन भार्गवी की नजर अब भी उसी दिशा में थी।जैसे उसने कुछ और महसूस किया हो।रात गहरी होती गई।मिहिर सो चुका था।लेकिन भार्गवी की आँखों में नींद नहीं थी।वो धीरे से उठी।

दरवाज़ा खोला।और बाहर निकल गई।गलियारा लंबा था…दीवारों पर पुरानी तस्वीरें टंगी थीं।हर तस्वीर जैसे कुछ कह रही हो।भार्गवी धीरे-धीरे आगे बढ़ी।

उसकी चाल अब बिल्कुल बदल चुकी थी।

अब वो वो शांत लड़की नहीं थी…

👉 अब वो किसी मिशन पर थी।अचानक—एक दरवाज़ा आधा खुला दिखा।

अंदर हल्की रोशनी थी।वो रुकी।धीरे से अंदर झांका—और उसकी आँखें ठहर गईं।अंदर—कुछ लोग खड़े थे।

और उनके बीच—मुखिया रुद्र प्रताप।“सामान कल रात तक पहुँच जाना चाहिए…”वो धीमे स्वर में कह रहा था।“पुलिस को भनक नहीं लगनी चाहिए।

”दूसरे आदमी ने सिर हिलाया।“सब सेट है।”भार्गवी की आँखों में चमक आ गई।तभी—पीछे से एक आवाज़ आई—“यहाँ क्या कर रही हो?”वो चौंकी नहीं।

बस धीरे से मुड़ी।मिहिर खड़ा था।उसकी आँखें सीधी उस पर टिकी थीं।कुछ पल दोनों एक-दूसरे को देखते रहे।फिर भार्गवी ने शांत स्वर में कहा—“नींद नहीं आ रही थी…तो सोचा थोड़ा घूम लूं।

”मिहिर ने उसकी आँखों में देखा।जैसे सच पढ़ने की कोशिश कर रहा हो।“यहाँ घूमना…खतरनाक हो सकता है।”उसकी आवाज़ अब पहले से अलग थी।“खतरा मुझे डराता नहीं,”भार्गवी ने कहा।इस बार—उसकी आँखों में वो शांति नहीं थी।कुछ और था।कुछ…खतरनाक।मिहिर हल्का-सा मुस्कुराया।“अच्छा है…”वो उसके करीब आया।“क्योंकि इस घर में…डरने वाले ज़्यादा दिन टिकते नहीं।

”दोनों आमने-सामने खड़े थे।एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हुए।दोनों के पास राज थे…और दोनों उन्हें छुपा रहे थे।

🔥 End Hook

उसी पल—कमरे के अंदर से आवाज़ आई—“वो लड़की यहाँ क्या कर रही है?”भार्गवी और मिहिर दोनों एक साथ उस तरफ मुड़े।और पहली बार—खेल शुरू हो चुका था।

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तब तक के लिए धन्यवाद दोस्तो और कान्हा आप सभी के साथ रहे और ढेर सारी खुशियां बरसाते रहे ।

मेरा ढेर सारा प्यार और take care and have good day buddies ☺️

Stay be healthy and happy 

Enjoy your day  buddies ☺️ God bless you 😊


आपकी प्यारी piyu 7 soul ❤️