hindi Best Drama Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Drama in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cultures. Th...Read More


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इस घर में प्यार मना है - 35 By Sonam Brijwasi

घर का माहौल अब पूरी तरह बदल चुका था। अब इस घर में सिर्फ प्यार ही नहीं…दो-दो नन्ही जानों का इंतज़ार भी बस चुका था। संस्कृति 8 महीने की थी…और पारो की प्रेग्नेंसी अभी शुरुआती महीनों म...

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MTNL की घंटी - 15 By kalpita

आज दीवाली की रात थी…ना तो रंग-बिरंगी चूड़ियाँ थीं,ना साज-श्रृंगार, ना बिंदी, ना सिन्दूर…ना मांग में चमकता मंगलसूत्र।बस एक पीले रंग की सादी सी साड़ी…और उस पर एक सफेद पड़ा चेहरा,जैसे...

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उन्हें नींद नहीं आती-1-I By Dr. Suryapal Singh

उन्हें नींद नहीं आती  पात्र- बातुलनायकमकटियारकमाण्डरमिस राव/बनजाराटोगोमोलईजगरूपमधुकरकिश्नूमटरूकुंजीलाल-------------------------------------अंक- 1(सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 4 By Priya Chaudhary

(साउंड इफेक्ट: कालकोठरी की जंजीरों की झंकार और हवेली के अंदर गूंजती आयशा की चीख। बाहर का तूफान अब एक भयावह गर्जना में बदल चुका है।)आर्यन मल्होत्रा कालकोठरी के भीतर घुटनों के बल गिर...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 1 By Praveen Kumrawat

अनुशासन के नाम पर बचपन का कत्लदुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून नहीं बहता, उनके लिए कोई पट्टी नहीं बंधती और न ही डॉक्टर की रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख...

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इश्क़ का इलाका - 1 By Aarushi Singh Rajput

आरा, बिहार।सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।आँगन में दादी माँ चा...

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गीत गाने दो मुझे - 1 By Dr. Suryapal Singh

पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...

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अकथ - भाग 4 By silent script

‎सुबह की पहली किरण के साथ ही अवनी के सर में एक अजीब सा दर्द था। भारी मन से उसने फोन उठाया और अपने बॉस का नंबर डायल किया।‎"हेलो सर, मुझे आज एक दिन की छुट्टी चाहिए थी। मेरी तबीयत ठीक...

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मौत से भागती दुल्हन - 2 By Sonam Brijwasi

शुभिका बिल्कुल चुप बैठी थी। उसके हाथों पर हल्दी लगाई जा रही थी…और सामने सोफे पर विक्रांत शर्मा बैठा उसे लगातार देख रहा था।उसकी आँखों में अजीब सा पागलपन था। जैसे उसे दुनिया की किसी...

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अनकही साजिशें By Sonali Rawat

अनकही साजिशें (एक प्रेम गाथा)पात्र परिचयःआर्यनः एक शांत और भावुक लड़का, जो सान्या से बेइंतहा प्यार करता है।सान्याः चुलबुली और मासूम लड़की, जिसका संसार आर्यन के इर्द-गिर्द घूमता है।...

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ज़ख्मों की शादी - 22 By Sonam Brijwasi

पर कहानी यहीं शांत नहीं हुई। अतीत कभी-कभी दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आता, सीधे तोड़कर अंदर घुसता है। जिस जगह से कबीर सृष्टि को निकालकर लाया था…वहाँ एक और कहानी अधूरी रह गई थी।एक नाम—विशम...

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एक अधूरी मां - 5 By Anjali kumari Sharma

 राख से जन्मी ममताअपने नन्हे कलेजे के टुकड़े को खोने के बाद राधा के लिए दिन और रात एक समान हो गए थे। वह कमरे के एक कोने में बैठी रहती, उसकी आँखों के आंसू अब सूख चुके थे और उनकी जगह...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 25 By Sonam Brijwasi

सूरज की हल्की रोशनी पर्दों से छनकर कमरे में आ रही है।श्रेया जागी-बैठी है, आँखें सूजी हुईं… रात की थकान अब भी चेहरे पर दिख रही है।करण नींद से उठता है।वो कुछ पलों तक उसे देखता रहता ह...

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Second Hand Love By manu gupta

साहनी बिला   आलीशान महलघर में 20-25 नौकर। पर घर मे एक दम सन्नाटा। महल के एक बेडरूम मैं देवांश लैपटॉप पर कुछ व्यस्त था। देवांश.....हाँ उसने बहुत संक्षिप्त सा उत्तर दिया। तुम सच में...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह के बाद शानवी के मन में एक ही बात बार-बार घूम रही थी—कार्तिकेय को हमेशा के लिए इंसान बनाना होगा। अब उसे सिर्फ़ टुक-टुक की आदतों से प्यार नहीं था…बल्कि उसके दर्द का हल भी चाहिए...

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चाँद की आख़िरी रौशनी By priyanka katiyar

अधूरी प्रेम कहानी” रात पहले जैसी नहीं रही थी।आसमान में चाँद था… लेकिन उसकी रोशनी थकी हुई लग रही थी—जैसे किसी ने उससे जीने की वजह छीन ली हो।गाँव के किनारे, अपनी छोटी-सी झोपड़ी की छत...

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जिस्म नहीं… इजाज़त चाहिए - 2 By Anshu Gupta

उस रात के बाद…नींद मेरी आँखों से जैसे गायब हो गई थी… कमरे में हल्की रोशनी अब भी जल रही थी…लेकिन मेरे अंदर अजीब सा अंधेरा फैल चुका था…मैं बेहद बेचैन थी…बिस्तर पर लेटे-लेटे बार-बार क...

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अँजोर के राह By kuleshwar Jaiswal

कहानी: “अँजोर के राह”गांव के किनारा म एक छोटकुन घर रहिस—माटी के दीवार, खपरैल के छत। ओ घर म रहत रहिस रामसाय अऊ ओकर बिटिया, गीता। गीता बहुत तेज-तर्रार अऊ सपना देखे वाली लइकी रहिस। वो...

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पढ़ही त बढ़ही - बिटिया के सपना By kuleshwar Jaiswal

नाटक का नाम: “पढ़ही त बढ़ही – बिटिया के सपना”   ️ विषय: नारी शिक्षा, जागरूकता, समाज परिवर्तन   पात्र: सुनीता – पढ़ाई के लिए उत्सुक लड़की रामू – सुनीता के पिता (पुरानी सोच) सीता –...

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Hero - 3 By Ram Make

विस्फोट के कारण वहा पर एक 10 मीटर गहरा गड्ढा बन गया। उस गड्ढे के बीचो बीच जतिन पीठ के बल जमीन पर पड़ा हुआ होता है। तभी वे तीनों गुंडे गड्ढे में पास आ जाते हैं और जतिन को वहां पर पड...

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Rebron of Novel Girl By sonia

मिस्टी कपूर जिसने म्यूजिक इंडस्ट्री  अपनी मेहनत से करी की थी उसे बहुत मेहनत करना पड़े आज बहुत सक्सेसफुल हो गई थी उसकी कंपनी नंबर वन आ रही थी मिस्टी अपनी गाड़ी में बैठकर अपने घर जा...

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मिट्टी का लाल - 1 By Kajal Soam

अध्याय 1: अहसासों की अदालत और अधूरा सचदृश्य 1स्थान: फैमिली कोर्ट, मेरठ (आधुनिक कक्ष)समय: दोपहरपात्र: न्यायाधीश (जज), अवनि, माया, आर्यन, राज (7 साल), वकील और कोर्ट स्टाफ।(दृश्य की श...

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डायरी का वो आखरी पन्ना - 9 By Std Maurya

मैंने दुःख जताते हुए कहा,“हाँ छोटे भाई… अब लोगों के अंदर इंसानियत जैसे खत्म होती जा रही है…”आर्यन ने हल्की सी मुस्कान लाने की कोशिश की,लेकिन उसकी आँखों का दर्द साफ दिखाई दे रहा था…...

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इस घर में प्यार मना है - 35 By Sonam Brijwasi

घर का माहौल अब पूरी तरह बदल चुका था। अब इस घर में सिर्फ प्यार ही नहीं…दो-दो नन्ही जानों का इंतज़ार भी बस चुका था। संस्कृति 8 महीने की थी…और पारो की प्रेग्नेंसी अभी शुरुआती महीनों म...

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MTNL की घंटी - 15 By kalpita

आज दीवाली की रात थी…ना तो रंग-बिरंगी चूड़ियाँ थीं,ना साज-श्रृंगार, ना बिंदी, ना सिन्दूर…ना मांग में चमकता मंगलसूत्र।बस एक पीले रंग की सादी सी साड़ी…और उस पर एक सफेद पड़ा चेहरा,जैसे...

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उन्हें नींद नहीं आती-1-I By Dr. Suryapal Singh

उन्हें नींद नहीं आती  पात्र- बातुलनायकमकटियारकमाण्डरमिस राव/बनजाराटोगोमोलईजगरूपमधुकरकिश्नूमटरूकुंजीलाल-------------------------------------अंक- 1(सरकारी बंगले का लान। चार कुर्सियाँ...

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50 दिन का सन्नाटा - एपिसोड 4 By Priya Chaudhary

(साउंड इफेक्ट: कालकोठरी की जंजीरों की झंकार और हवेली के अंदर गूंजती आयशा की चीख। बाहर का तूफान अब एक भयावह गर्जना में बदल चुका है।)आर्यन मल्होत्रा कालकोठरी के भीतर घुटनों के बल गिर...

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दरवाज़ा खुला था, पर उड़ने की हिम्मत मर चुकी थी - 1 By Praveen Kumrawat

अनुशासन के नाम पर बचपन का कत्लदुनिया में कुछ घाव ऐसे होते हैं जो दिखाई नहीं देते। उनसे खून नहीं बहता, उनके लिए कोई पट्टी नहीं बंधती और न ही डॉक्टर की रिपोर्ट में उनका स्पष्ट उल्लेख...

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इश्क़ का इलाका - 1 By Aarushi Singh Rajput

आरा, बिहार।सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।आँगन में दादी माँ चा...

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गीत गाने दो मुझे - 1 By Dr. Suryapal Singh

पण्डित सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ यह नाम उनका अपना दिया हुआ था। स्कूल का नाम सुर्ज कुमार घर पर भी चलता था या नहीं इसे कौन बताए? घर गढ़ाकोला उन्नाव में, पिता पंडित राम सहाय तिवारी।...

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अकथ - भाग 4 By silent script

‎सुबह की पहली किरण के साथ ही अवनी के सर में एक अजीब सा दर्द था। भारी मन से उसने फोन उठाया और अपने बॉस का नंबर डायल किया।‎"हेलो सर, मुझे आज एक दिन की छुट्टी चाहिए थी। मेरी तबीयत ठीक...

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मौत से भागती दुल्हन - 2 By Sonam Brijwasi

शुभिका बिल्कुल चुप बैठी थी। उसके हाथों पर हल्दी लगाई जा रही थी…और सामने सोफे पर विक्रांत शर्मा बैठा उसे लगातार देख रहा था।उसकी आँखों में अजीब सा पागलपन था। जैसे उसे दुनिया की किसी...

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अनकही साजिशें By Sonali Rawat

अनकही साजिशें (एक प्रेम गाथा)पात्र परिचयःआर्यनः एक शांत और भावुक लड़का, जो सान्या से बेइंतहा प्यार करता है।सान्याः चुलबुली और मासूम लड़की, जिसका संसार आर्यन के इर्द-गिर्द घूमता है।...

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ज़ख्मों की शादी - 22 By Sonam Brijwasi

पर कहानी यहीं शांत नहीं हुई। अतीत कभी-कभी दरवाज़ा खटखटाकर नहीं आता, सीधे तोड़कर अंदर घुसता है। जिस जगह से कबीर सृष्टि को निकालकर लाया था…वहाँ एक और कहानी अधूरी रह गई थी।एक नाम—विशम...

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एक अधूरी मां - 5 By Anjali kumari Sharma

 राख से जन्मी ममताअपने नन्हे कलेजे के टुकड़े को खोने के बाद राधा के लिए दिन और रात एक समान हो गए थे। वह कमरे के एक कोने में बैठी रहती, उसकी आँखों के आंसू अब सूख चुके थे और उनकी जगह...

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 25 By Sonam Brijwasi

सूरज की हल्की रोशनी पर्दों से छनकर कमरे में आ रही है।श्रेया जागी-बैठी है, आँखें सूजी हुईं… रात की थकान अब भी चेहरे पर दिख रही है।करण नींद से उठता है।वो कुछ पलों तक उसे देखता रहता ह...

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Second Hand Love By manu gupta

साहनी बिला   आलीशान महलघर में 20-25 नौकर। पर घर मे एक दम सन्नाटा। महल के एक बेडरूम मैं देवांश लैपटॉप पर कुछ व्यस्त था। देवांश.....हाँ उसने बहुत संक्षिप्त सा उत्तर दिया। तुम सच में...

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बिल्ली जो इंसान बनती थी - 20 By Sonam Brijwasi

सुबह के बाद शानवी के मन में एक ही बात बार-बार घूम रही थी—कार्तिकेय को हमेशा के लिए इंसान बनाना होगा। अब उसे सिर्फ़ टुक-टुक की आदतों से प्यार नहीं था…बल्कि उसके दर्द का हल भी चाहिए...

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चाँद की आख़िरी रौशनी By priyanka katiyar

अधूरी प्रेम कहानी” रात पहले जैसी नहीं रही थी।आसमान में चाँद था… लेकिन उसकी रोशनी थकी हुई लग रही थी—जैसे किसी ने उससे जीने की वजह छीन ली हो।गाँव के किनारे, अपनी छोटी-सी झोपड़ी की छत...

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जिस्म नहीं… इजाज़त चाहिए - 2 By Anshu Gupta

उस रात के बाद…नींद मेरी आँखों से जैसे गायब हो गई थी… कमरे में हल्की रोशनी अब भी जल रही थी…लेकिन मेरे अंदर अजीब सा अंधेरा फैल चुका था…मैं बेहद बेचैन थी…बिस्तर पर लेटे-लेटे बार-बार क...

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अँजोर के राह By kuleshwar Jaiswal

कहानी: “अँजोर के राह”गांव के किनारा म एक छोटकुन घर रहिस—माटी के दीवार, खपरैल के छत। ओ घर म रहत रहिस रामसाय अऊ ओकर बिटिया, गीता। गीता बहुत तेज-तर्रार अऊ सपना देखे वाली लइकी रहिस। वो...

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पढ़ही त बढ़ही - बिटिया के सपना By kuleshwar Jaiswal

नाटक का नाम: “पढ़ही त बढ़ही – बिटिया के सपना”   ️ विषय: नारी शिक्षा, जागरूकता, समाज परिवर्तन   पात्र: सुनीता – पढ़ाई के लिए उत्सुक लड़की रामू – सुनीता के पिता (पुरानी सोच) सीता –...

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विस्फोट के कारण वहा पर एक 10 मीटर गहरा गड्ढा बन गया। उस गड्ढे के बीचो बीच जतिन पीठ के बल जमीन पर पड़ा हुआ होता है। तभी वे तीनों गुंडे गड्ढे में पास आ जाते हैं और जतिन को वहां पर पड...

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Rebron of Novel Girl By sonia

मिस्टी कपूर जिसने म्यूजिक इंडस्ट्री  अपनी मेहनत से करी की थी उसे बहुत मेहनत करना पड़े आज बहुत सक्सेसफुल हो गई थी उसकी कंपनी नंबर वन आ रही थी मिस्टी अपनी गाड़ी में बैठकर अपने घर जा...

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मिट्टी का लाल - 1 By Kajal Soam

अध्याय 1: अहसासों की अदालत और अधूरा सचदृश्य 1स्थान: फैमिली कोर्ट, मेरठ (आधुनिक कक्ष)समय: दोपहरपात्र: न्यायाधीश (जज), अवनि, माया, आर्यन, राज (7 साल), वकील और कोर्ट स्टाफ।(दृश्य की श...

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डायरी का वो आखरी पन्ना - 9 By Std Maurya

मैंने दुःख जताते हुए कहा,“हाँ छोटे भाई… अब लोगों के अंदर इंसानियत जैसे खत्म होती जा रही है…”आर्यन ने हल्की सी मुस्कान लाने की कोशिश की,लेकिन उसकी आँखों का दर्द साफ दिखाई दे रहा था…...

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