Jhansi - 6 in Hindi Drama by Piyu soul books and stories PDF | झांसी: सौदा, कर्ज और बदला - 6

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झांसी: सौदा, कर्ज और बदला - 6

Episode 6:“जाल, जज़्बात और पहला वार”

रात का सन्नाटा…

राठौड़ हवेली के हर कोने में कुछ छुपा हुआ था। वो शिकारी जो अपने शिकार में कभी नहीं चुका।

लेकिन आज…

👉 शिकार नहीं… शिकारी जाग चुका था।

भार्गवी बालकनी में खड़ी थी।

फोन उसके हाथ में था… और आँखों में ठंडा इरादा।

📞 Unknown Call…

उसने बिना झिझक कॉल उठाया।

“हाँ, बोलो।”

दूसरी तरफ से आवाज़ आई—

“Boss… हवेली में entry हो चुकी है।

अब बस जाल बिछाना बाकी है।” आप बस ऑर्डर दे बॉस।

भार्गवी की आँखों में हल्की चमक आई।

“Good…

इस बार कोई गलती नहीं होनी चाहिए।”

“जी Boss।”

📵 कॉल कट।

💭 (Inner Voice)

“ये खेल अब खत्म होगा…

और इस बार… कोई बचकर नहीं जाएगा।”

अचानक पीछे से आवाज़ आई—

“इतनी रात को किससे बात कर रही हो?”

भार्गवी पलटी।

मिहिर खड़ा था…

उसकी नजरें सीधी उसके फोन पर।

“तुम्हें कब से परवाह होने लगी?”

भार्गवी ने हल्की मुस्कान के साथ कहा।

मिहिर उसके करीब आया। इतना की उन दोनों के दिल की धड़कन भी एक दूसरे को सुनाई दे रही थी।

“जब से तुम इस घर में आई हो…

सब कुछ बदलने लगा है।” मिहिर ने कहा

दोनों के बीच कुछ सेकंड की खामोशी… दोनो एक दूसरे की आंखों में खोए हुए थे जैसे कुछ ढूंढ रहे हो।

फिर—

“तुम कुछ छुपा रही हो।”

मिहिर ने धीरे से कहा।

भार्गवी की आँखें एक पल के लिए बदलीं…

फिर वो फिर से शांत हो गई।

“और तुम?”

उसने पलटकर पूछा।

मिहिर मुस्कुराया…

लेकिन इस बार वो मुस्कान हल्की नहीं थी—

👉 उसमें राज छुपा था।

“इस घर में… हर कोई कुछ ना कुछ छुपा रहा है।”

🔥 Tension Peak

अगली सुबह—

हवेली के अंदर अचानक शोर मच गया।

“मिहान! मिहान कहाँ है?”

एक नौकर भागते हुए आया—

“साहब, वो फिर से बाहर चला गया!”

मिहिर का चेहरा एकदम बदल गया।

“क्या?!”

कुछ ही मिनटों में—

मिहान बगीचे के कोने में बैठा मिला।

वो मिट्टी से खेल रहा था…

और कुछ बुदबुदा रहा था।

भार्गवी धीरे से उसके पास बैठ गई।

“मिहान…”

वो चौंका…

और डरकर पीछे हट गया।

“नहीं… नहीं… मुझे मत पकड़ो…”

उसकी आवाज़ कांप रही थी।

भार्गवी ने धीरे से उसका हाथ पकड़ा।

“मैं तुम्हें चोट नहीं पहुँचाऊंगी…”

धीरे-धीरे…

मिहान शांत होने लगा।

दूर खड़ा मिहिर ये सब देख रहा था।

पहली बार—

👉 उसकी आँखों में softness थी।

“तुमने ये कैसे किया?”

भार्गवी खड़ी हुई।

“प्यार से…

हर जंग ताकत से नहीं जीती जाती।”

मिहिर कुछ कह नहीं पाया।

शाम—

📞 फिर से कॉल आया।

“Boss… target confirm हो गया है।

लड़कियों को कल रात shift किया जाएगा।”

भार्गवी की मुट्ठी कस गई।

“इस बार… कोई नहीं बचेगा।”

उसी समय—

मिहिर दरवाज़े पर खड़ा था।

“किसे खत्म करने की बात कर रही हो?”

दोनों की नजरें टकराईं।

👉 अब खेल खुलने वाला था।

🔥 END HOOK

उसी पल—

मिहान जोर से चिल्लाया—

“भाभी… मत जाओ… वो लोग बुरे हैं…”

पूरा कमरा सन्न हो गया।

👉 मिहान को कैसे पता?

👉 भार्गवी कौन है असल में?

👉 और मिहिर… क्या सब जान जाएगा?

🔥 “अगले एपिसोड में… सच का पहला दरवाज़ा खुलेगा”

जानने के लिए बने रहिए piyu 7soul के साथ।

Hello buddies 💙

कैसे हो आप सभी आशा4 रखती हूं सब ठीक होगे।

वैसे आज झांसी: सौदा, कर्ज और बदला का एपिसोड 6 आ गया है । पढ़के जरूर बताएं ।

आज का episode कैसा लगा? 😏

अब खेल और खतरनाक होने वाला है…

आपको क्या लगता है —

मिहान क्या जानता है? और मिहिर कब सच्चाई तक पहुँचेगा? 👀

अपने thoughts जरूर बताना 💫

आपका हर comment मेरे लिए बहुत मायने रखता है ❤️

Take care 😊

Have a great day ✨

Stay healthy and happy 💙

कृष्ण आप सभी को ढेर सारी खुशियां दे 💫

मेरा ढेर सारा प्यार ❤️