Episode 5: जाल का मालिक… और छुपा हुआ सच
रात का सन्नाटा हवेली को अपनी गिरफ्त में ले चुका था।हर दरवाज़ा बंद… हर आवाज़ थमी हुई…
लेकिन इस खामोशी के पीछे—
👉 एक खेल चल रहा था।भार्गवी अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ी थी।उसकी आँखें अंधेरे को चीरती हुई दूर कहीं देख रही थीं—
जैसेवो सिर्फ देख नहीं रही…
👉 नियंत्रण कर रही हो।
📱 फोन वाइब्रेट हुआ।
उसने बिना देर किए कॉल उठाया।“Status?”
दूसरीतरफ से तुरंत जवाब आया—
“सभी लोग अपनी position पर हैं, Boss।”उसकी आँखों में हल्की-सी चमक आई।
“Target?”“Movement शुरू हो चुका है… लेकिन अंदर से confirmation चाहिए।
”कुछ सेकंड की खामोशी।फिर—“कोई गलती नहीं होनी चाहिए,
”उसकी आवाज़ ठंडी थी… और खतरनाक।
“जी, Boss।”कॉल कट।भार्गवी ने धीरे से फोन नीचे किया।
👉 “अब शिकार खुद जाल में आएगा…”सुबह—हवेली में रोज़ की हलचल थी।मिहान आँगन में बैठा मिट्टी से खेल रहा था।
उसे देखते ही भार्गवी के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई।“दीदी!”वो खुश होकर उसकी तरफ दौड़ा।“आज क्या करेंगे?”उसने उत्साह से पूछा।
“आज…”भार्गवी उसके पास बैठ गई—“तुम्हें एक नई कहानी सुनाऊंगी।”“कौनसी?”“एक राजा की…जो बाहर से कमजोर था—लेकिन असल में सबसे ताकतवर था।”मिहान ध्यान से सुनने लगा।
दूर खड़ा मिहिर—ये सब देख रहा था।
👉 “ये लड़की… हर बार मुझे गलत साबित क्यों कर देती है?”
तभी—“वाह… कहानी भी और सीख भी।”विवान की आवाज़ आई।
वो धीरे-धीरे उनके पास आया।“भाभी… आप जितनी दिखती हैं, उतनी हैं नहीं… है ना?”भार्गवी ने उसकी तरफ देखा—सीधा, बिना डरे।
“आप जितना समझते हैं…मैं उससे ज्यादा हूँ।”एक पल के लिए माहौल ठहर गया।
मिहिर तुरंत बीच में आया—“विवान, enough.”विवान मुस्कुराया—“ठीक है भैया…खेल अभी शुरू हुआ है।
”शाम—हवेली का पिछला हिस्सा।अंधेरा घना था।भार्गवी अकेली खड़ी थी।
📱 उसने खुद कॉल लगाया।
“Update.
”“Boss, अंदर सब ready है,”आवाज़ आई।“और?
”“आज रात… माल बाहर जाएगा।
”भार्गवी की आँखें ठंडी हो गईं।“नहीं जाएगा।”“Boss?”“Plan change।”उसने धीरे से कहा—
👉 “आज कोई जाएगा…लेकिन माल नहीं… सच।”“Understood, Boss.”तभी—पीछे से आवाज़ आई—“किससे बात कर रही थी?”
भार्गवीने पलटकर देखा।मिहिर।उसकी आँखों में सवाल था…और शक भी।“किसी से नहीं,”भार्गवी ने शांत स्वर में कहा।“झूठ बोलना इतना आसान है?”मिहिर उसके करीब आया।“या फिर… तुम इतनी practice कर चुकी हो?”कुछ सेकंड की खामोशी फिर—भार्गवी मुस्कुराई।
“और आप…इतना सच देखने के बाद भीअंधे बने रह सकते हैं?”मिहिर चौंक गया।
👉 ये लड़की उसे पढ़ रही थी।तभी—अचानक—“आआआह!”हवेली के अंदर से चीख गूंजी।“मिहान!”दोनों दौड़ते हुए अंदर गए।मिहान जमीन पर गिरा हुआ था।
उसका शरीर काँप रहा था।“इसे क्या हुआ?!”रानी घबरा गई।मिहिर परेशान था—“कुछ करो!”तभी—“सब पीछे हटिए।”सबकी नजरें भार्गवी पर गईं।
उसकी आवाज़ अब बिल्कुल बदल चुकी थी—
👉 आदेश देने वालीवो झुकी…मिहान की pulse check की।“panic attack…trigger हुआ है।”“तुम्हें कैसे पता?”मिहिर ने पूछा।
“क्योंकि…”वो एक पल रुकी—
👉 “मैंने इससे पहले भी ये देखा है।”उसने तुरंत मिहान का हाथ पकड़ा—“मेरी तरफ देखो…तुम safe हो।”धीरे-धीरे—मिहान शांत होने लगा।
दरवाज़े पर खड़ा मिहिर—अब पूरी तरह confuse था।
👉 “ये लड़की… आखिर है कौन?”रात—हवेली के बाहर…कुछ गाड़ियाँ धीरे-धीरे रुक रही थीं।
अंधेरे में—कुछ परछाइयाँ हरकत कर रही थीं।
📱 भार्गवी के फोन पर मैसेज आया—“Everything in position, Boss.
”उसने एक बार हवेली को देखा।
👉 “अब खेल खत्म…”
🔥 END HOOK
उसी पल—मिहिर की आवाज़ पीछे से आई—“पुलिस आने वाली है…”भार्गवी ने धीरे से उसकी तरफ देखा—
👉 और मुस्कुरा दी।“मुझे पता है।”
Hello buddies 😊
Episode 5 अब LIVE है… और अब कहानी सिर्फ एक शादी की नहीं रही 😏🔥
कुछ रिश्ते सच होते हैं…
कुछ मजबूरी…
और कुछ—एक खेल 🎭
अब सवाल आपसे—
👉 क्या भार्गवी सच में वही है जो दिखती है?
या वो इस पूरे खेल की असली खिलाड़ी है?
आपके हर comment, हर review मेरे लिए बहुत important है ❤️
बताइए आपको ये episode कैसा लगा… और आप किस पर भरोसा करते हैं?
Take care 😊
Have a great day ✨
Be healthy and happy 🌸
कृष्णा आपको ढेर सारी खुशियाँ दें 💙
और मेरा ढेर सारा प्यार 🤍
By piyu 7soul ❤️📘📝📖