Adhuri Mohabbat - 2 in Hindi Love Stories by sapna books and stories PDF | अधूरी मोहब्बत - अध्याय 2

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अधूरी मोहब्बत - अध्याय 2

Chapter 2: यादों का सफर

यह कहानी “अधूरी मोहब्बत” का दूसरा अध्याय है। पहले अध्याय में आपने राधा और अर्जुन की दोस्ती और उनके बिछड़ने की कहानी पढ़ी। अब इस अध्याय में हम देखेंगे कि दूरी के बाद उनकी जिंदगी कैसे बदल गई और कैसे उनकी यादें अभी भी उनके दिलों में जिंदा हैं।


अर्जुन के शहर छोड़ने के बाद राधा की जिंदगी पहले जैसी नहीं रही। वही गली, वही रास्ते और वही पार्क अब उसे खाली-खाली लगने लगे थे। हर जगह अर्जुन की यादें बसी हुई थीं।

शुरू-शुरू में दोनों रोज फोन पर बात करते थे। अर्जुन अपने नए शहर की बातें बताता—नई नौकरी, नए लोग और नई जिम्मेदारियाँ। राधा भी अपने दिन की छोटी-छोटी बातें उससे साझा करती। दोनों कोशिश करते कि दूरी उनके रिश्ते को कमजोर न करे।

लेकिन धीरे-धीरे समय बदलने लगा। अर्जुन अपने काम में व्यस्त होता गया। फोन कॉल्स कम होने लगे और मैसेज का जवाब भी देर से आने लगा। राधा समझती थी कि अर्जुन अपने सपनों को पूरा करने में लगा है, फिर भी उसके दिल में एक अजीब सा खालीपन महसूस होने लगा।

एक दिन शाम को राधा उसी पुराने पार्क में चली गई, जहाँ वह और अर्जुन अक्सर बैठा करते थे। हवा हल्की-हल्की चल रही थी और पेड़ों की पत्तियाँ धीरे-धीरे हिल रही थीं। वह उसी बेंच पर बैठ गई, जहाँ कभी अर्जुन उसके साथ घंटों बातें किया करता था।

राधा ने आँखें बंद कीं तो उसे लगा जैसे अर्जुन अभी भी उसके पास बैठा है और वही पुरानी बातें कर रहा है। उसे याद आया कि कैसे अर्जुन छोटी-छोटी बातों पर उसे हँसाने की कोशिश करता था।

अचानक उसकी आँखों से आँसू निकल आए। उसे एहसास हुआ कि कुछ रिश्ते कितने खास होते हैं, और उनसे दूर होना कितना मुश्किल होता है।

उधर अर्जुन भी अपने नए शहर में कई बार राधा को याद करता था। जब भी उसे थोड़ी फुर्सत मिलती, वह फोन उठाकर राधा का नाम देखता, लेकिन फिर सोचकर फोन वापस रख देता। शायद उसे डर था कि कहीं दूरी ने उनके रिश्ते को बदल न दिया हो।

समय धीरे-धीरे आगे बढ़ता गया। राधा ने अपने काम और जिम्मेदारियों में खुद को व्यस्त करने की कोशिश की, लेकिन कुछ यादें ऐसी होती हैं जो दिल से कभी नहीं जातीं।

एक शाम अचानक राधा के फोन पर अर्जुन का मैसेज आया।उसने लिखा था—

“राधा, आज अचानक तुम्हारी बहुत याद आ रही है।कभी-कभी लगता है कि जिंदगी में कुछ अधूरा रह गया है।

”मैसेज पढ़कर राधा कुछ देर तक चुप रही। उसके दिल में कई भावनाएँ एक साथ उठने लगीं। वह समझ नहीं पा रही थी कि क्या जवाब दे।

कुछ देर बाद उसने धीरे से लिखा—

“कुछ रिश्ते शायद कभी पूरे नहीं होते, लेकिन उनकी यादें हमेशा हमारे साथ रहती हैं।”

उस रात दोनों देर तक जागते रहे। शायद दोनों ही अपने-अपने शहरों में बैठकर एक-दूसरे को याद कर रहे थे।

उन्हें पता नहीं था कि किस्मत अभी भी उनके लिए एक नया मोड़ छुपाकर बैठी है… और शायद उनकी कहानी अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी।


क्या राधा और अर्जुन फिर से मिल पाएंगे, या उनकी मोहब्बत हमेशा के लिए यादों में ही रह जाएगी?

आगे क्या होगा जानने के लिए “अधूरी मोहब्बत – Chapter 3” जरूर पढ़ें।