Adhuri Mohabbat - 6 in Hindi Love Stories by sapna books and stories PDF | अधूरी मोहब्बत - अध्याय 6

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अधूरी मोहब्बत - अध्याय 6

अधूरी मोहब्बत — अध्याय 6 ✨किस्मत का खेल 

अर्जुन ने अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने की कोशिश शुरू कर दी थी। दफ्तर का काम, पुरानी अधूरी पेंटिंग्स और शाम की तन्हा सैर—यही अब उसकी दुनिया थी। उसने मान लिया था कि राधा अब किसी और की अमानत है। पर क्या यादें इतनी आसानी से पीछा छोड़ती हैं?

एक महीने बाद, अर्जुन को एक पुराने दोस्त की शादी का बुलावा आया। वह जाना नहीं चाहता था, लेकिन दिल के किसी कोने में एक अजीब सी बेचैनी थी। जब वह शादी के वेन्यू पर पहुँचा, तो वहाँ की रौनक और शोर-शराबे में भी वह खुद को अकेला महसूस कर रहा था।

तभी भीड़ के बीच उसकी नज़र एक चेहरे पर जाकर ठहर गई। गुलाबी साड़ी, माथे पर छोटी सी बिंदी और वही सादगी... वह राधा थी। पर इस बार वह अकेली नहीं थी, उसके साथ उसका पति समीर भी था।

अर्जुन का कलेजा मुँह को आ गया। उसने सोचा था कि वह अब संभल चुका है, लेकिन राधा को किसी और के साथ मुस्कुराते देख उसके पुराने ज़ख्म फिर से हरे हो गए। उसने चाहा कि वह वहाँ से भाग जाए, लेकिन तभी समीर की नज़र अर्जुन पर पड़ी। समीर, जो अर्जुन का कॉलेज का जूनियर रह चुका था, उसे पहचान गया।

"अर्जुन भाई! आप यहाँ?" समीर उत्साह से उसकी तरफ बढ़ा। राधा की धड़कनें जैसे थम गईं। उसकी आँखें ज़मीन की तरफ झुक गईं, वह अर्जुन से नज़रें मिलाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी।
समीर ने हाथ मिलाते हुए कहा, "राधा, देखो कौन है! ये मेरे सीनियर हैं जिनके बारे में मैं तुम्हें अक्सर बताता था।"

राधा ने धीरे से सिर उठाया। उसकी आँखों में वही दर्द और बेबसी थी जो उस आखिरी मुलाकात में थी। उसने बस इतना कहा,

"नमस्ते।"

बातों-बातों में समीर को एक अर्जेंट कॉल आया और वह कुछ देर के लिए उन्हें अकेला छोड़ गया। सन्नाटा इतना गहरा था कि दोनों को अपनी धड़कनें सुनाई दे रही थीं।

"तुम खुश हो?" अर्जुन ने आवाज़ को स्थिर रखने की कोशिश करते हुए पूछा।

राधा ने एक लंबी साँस ली और कहा, "खुशी और समझौते में बहुत फर्क होता है, अर्जुन। समीर बहुत अच्छे इंसान हैं, वो मेरा ख्याल रखते हैं... और शायद यही काफी है।"

तभी राधा के फोन पर एक मैसेज आया। उसे देखते ही उसके चेहरे का रंग उड़ गया। अर्जुन ने गौर किया कि राधा के हाथ काँप रहे थे।
"क्या हुआ राधा?" अर्जुन ने घबराकर पूछा।

राधा ने कांपती आवाज़ में कहा, "समीर का एक्सीडेंट... वो पार्किंग की तरफ जा रहे थे और..."

अर्जुन बिना कुछ सोचे राधा का हाथ पकड़कर पार्किंग की तरफ भागा। वहाँ पहुँचकर उन्होंने देखा कि समीर ज़मीन पर बेसुध पड़ा था और आसपास भीड़ जमा थी।

अस्पताल के गलियारे में इंतज़ार करते हुए अर्जुन और राधा फिर से एक साथ थे, लेकिन इस बार हालात अलग थे। समीर की जान खतरे में थी और राधा की मांग का सिंदूर दांव पर लगा था।

अर्जुन को समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या दुआ माँगे। क्या वह समीर की सलामती की दुआ माँगे, या फिर उसे लगा कि किस्मत उसे एक और मौका दे रही है? लेकिन अर्जुन का दिल जानता था कि वह इतना गिर नहीं सकता।

डॉक्टर बाहर आए और उनके चेहरे पर चिंता की लकीरें थीं। उन्होंने कहा, "हालत गंभीर है, हमें तुरंत खून की ज़रूरत है, और इनका ब्लड ग्रुप बहुत रेयर (rare) है।"

अर्जुन का दिल धड़क उठा। वह जानता था कि उसका और समीर का ब्लड ग्रुप एक ही है।

क्या अर्जुन अपनी मोहब्बत के पति को नया जीवन देगा? क्या राधा की जिंदगी में फिर से कोई बड़ा तूफान आने वाला है?
जानने के लिए पढ़ें — अध्याय 7 ✨📖