Shreya का नया रूप
Breakfast के बाद Shreya कमरे में जाती है।
बाहर हल्की धूप, अंदर शांत माहौल।
वो अलमारी खोलती है और एक हल्की–सी सुंदर साड़ी निकालती है— गुलाबी सारी।
धीरे–धीरे साड़ी पहनती है… पल्लू ठीक करती है। और बाल—खुले छोड़ देती है।
Shreya (आईने में खुद से धीरे से) बोली -
चोटी बनाना तो आता ही नहीं मुझे।
नहीं बन पाती।
घर पे तो mummy और बहन बना देतीं थीं। कभी कभी भाई या papa भी बना देते थे। यहां कौन बनाएगा?
अच्छा है ... बल खुले ही ठीक हैं।
उसके लंबे, चमकदार बाल घुटनों से थोड़े ऊपर तक गिरते हैं… बिल्कुल भोली, मासूम और नई-नवेली दुल्हन जैसी लगती है।
Karan और Kabir कमरे में आते हैं, ऑफिस जाने की तैयारी के लिए। Shreya बाहर आती है।
दोनों कुछ सेकंड के लिए जम ही जाते हैं।
कबीर (आंखें फाड़कर) बोला -
अरे वाह… श्रेया जी का full dulhan version ON!
एक शायरी तो बनती है मेरी तरफ से -
उसकी गुलाबी साड़ी में भी एक नूर सी बात है,
जैसे फ़िज़ाओं में घुलती कोई मीठी सी बरसात है।
घुटनों से ज़रा ऊपर तक झूलते उसके रेशमी बाल,
दिल को यूँ छू जाते हैं जैसे किसी ग़ज़ल का ख़याल।
वो चले तो महक उठे हवा की हर छोटी सी लम्हा,
ऐसा हुस्न अल्लाह ने शायद फुर्सत में ही बनाया होगा।
कसम चाँद की… ये लड़की नहीं, एक ख़्वाब सी लगती है,
हर नज़र कहती है— ये मोहब्बत की पहली किताब सी लगती है।
Shreya के गाल लाल हो गए।
श्रेया बोली - जी thankyou कबीर जी।
करन (शांत पर हैरान होकर) बोला -
Shreya…तुम.... बहुत अच्छी लग रही हो।
Shreya शर्म से नीचे देखती है। उसकी जुल्फें उसके चेहरे पर गिरती हैं… फुहार जैसी soft।
कबीर (आकर curiosity में उसके बालों को देखते हुए) बोला -
ये बाल…मतलब… इतने लंबे?
और रोज खुले बालों में ही रहोगी ?
Shreya (थोड़ी हकलाते हुए) बोली -
वो…वो मैं चोटी बनाना नहीं जानती।
बचपन से नहीं सीखा मैने।
घर पे mummy या बहन बना देतीं थीं।
दोनों भाइयों की आंखें गोल हो जाती हैं।
कबीर बोला -
तुम्हे चोटी बनाना नहीं आता?
श्रेया (नर्वस होकर) बोली -
नहीं… इसलिए हमेशा खुले बाल रखती हूं।
कबीर (नाटकीय अंदाज़ में) बोला -
बस! Case solve!
इसलिए रात में भूत से डर लगता है।
खुले बाल वाली heroine खुद डरा देती है!
श्रेया मुंह फुला लेती है।
करन बोला -
Kabir… stop.
कबीर बोला -
Ok sorry!
वैसे Shreya…चोटी नहीं आती है तो हम सिखा देंगे।
मैं तो champion हूं चोटी बनाने में! School में मेरी 3 बहने थीं ।
श्रेया हंस पड़ती है पहली बार खुलकर।
श्रेया बोली -
Really? आप चोटी बना लोगे?,
कबीर गर्व से बोला -
एक नहीं… तीन - तीन बनाऊंगा!
French braid, normal braid, side braid…
आप बस आदेश करो।
करन हंसते हुए बीच में बोलता है।
करन बोला -
Shreya… अगर तुम चाहो तो कभी मैं भी try करूंगा।
कबीर (जल्दी से) बोला -
ना ना भैया! आप मत बनाना! आपकी चोटी बनते बनते रस्सी बन जाती है।
तीनों हंसते हैं।
करन धीरे से Shreya के चेहरे से बाल हटाता है, बहुत शालीनता से।
करन (धीरे से) बोला -
खुले बाल… तुम पर बहुत सुंदर लगते हैं।
Shreya का दिल एक पल को रुक जाता है…
वो नजरें झुका लेती है।
कबीर (माहौल हल्का करने के लिए) बोला -
और हम दोनों पे भी जमेगा ये hairstyle…
एक दिन try करेंगे! है ना करण भैया?
करन:
Kabir…
कबीर:
ठीक है भैया! मजाक बंद!
Shreya हँस देती है।
तीनों साथ कॉरिडोर में चलते हैं।
Shreya के खुली जुल्फें पीछे लहरा रही हैं।
Karan हल्की मुस्कान के साथ उसकी चाल देख रहा है।
Kabir मस्ती करते हुए चलता है।
ये पहली सुबह थी।
जहाँ तीनों के चेहरे पर एक अजीब-सी शांति थी—
जैसे ये रिश्ता मजबूरी से नहीं, धीरे-धीरे
अपनी जगह बना रहा हो।
INT. ऑफिस – सुबह 10 बजे
लिफ्ट खुलती है। अंदर से तीनों बाहर निकलते हैं—KARAN, KABIR और SHREYA।
Shreya ने हल्का सा ग्रीन कलर का सूट-सलवार पहना है, बाल खुले हुए, चेहरा इतना प्यारा कि पूरा ऑफिस रुक जाए।
सारी लड़कियों की नज़रें Karan और Kabir पर…
और सारे लड़कों की नज़रें सिर्फ Shreya पर।
लड़का 1 (धीरे से अपने दोस्त से) बोला -
यार… ये नई जॉइनिंग है क्या? कितनी प्यारी है ना?
ऐसा लग रहा है आज office नही इंद्रलोक आया हूं।
लड़का 2 (आँखें फैलाकर) बोला -
सिर्फ प्यारी? ये तो… मतलब… स्वर्ग से ट्रांसफर होकर आई है!
Kabir को उनकी बातें सुनाई देती हैं। वो आँखें तैराकर देखता है।
Kabir (धीरे से बड़बड़ाते हुए) बोला -
देखा? मैने कहा था ना ऐसे मत आना office में।
देखो कैसे सब तुम्हे देखकर लार टपका रहे हैं।
Shreya (भौंह चढ़ाकर) बोली -
Kabir जी… मैं normal dress में ही हूं।
पर मैं देख रही हूं कैसे office की सारी लड़कियां आप दोनों को ही देख रही हैं।
Karan (मुस्कराते हुए) बोला -
अरे वो तो हम बड़े hendsome हैं इसलिए घूर रही हैं वैसे तुम normal dress में भी पूरी heroin लगती हो ।
Shreya शरमा जाती है।
Shreya फॉर्म भर रही होती है। तभी दो लड़के उसके पास आने लगते हैं।
लड़का 3 बोला -
Hello… अगर आपको help चाहिए तो -
लड़का वाक्य पूरा करता उससे पहले करन बीच में आ जाता है।
Karan (स्ट्रिक्ट टोन में) बोला -
Help की जरूरत होगी तो मैं कर दूंगा। Boss हूं मैं यहां का।
लड़के एक-दूसरे को देखते हुए पीछे हट जाते हैं।
Shreya मुस्कान रोक नहीं पाती।
Shreya वॉटर कूलर के पास पानी भर रही होती है।
एक लड़का दूर से देखकर Shreya को देखता ही रह जाता है।
Kabir धीरे से जाकर लड़के के सामने हाथ हिलाता है
ओ भाई? Oxygen मिल रही है? या Shreya देखते देखते ही दोबारा जन्म plan हो रहा है?
Shreya ज़ोर से हंस पड़ती है।
Kabir और Karan दोनों गर्व से मुस्कुराते हैं—
हां, हंसा तो दिया!
Shreya बैठती है।
पूरे फ्लोर की नजरें उस पर लगी रहती हैं।
लड़की 1 (धीरे से लड़की 2 से) बोला -
ये married है क्या?
लड़की 2 बोली -
नहीं लगती…कितनी मासूम है।
Merride लड़कियों के चहरे पर इतनी चमक नही होती ।
उधर लड़के whispering करके theories बनाने लगते हैं—
लगेगा तो कोई chance ही नहीं रहेगा ।
शायद single हो ।
शायद… commitment issues?
Shreya को नहीं पता—पूरा ऑफिस उस पर रिसर्च कर रहा है।
Shreya का कंप्यूटर बार-बार हैंग हो रहा है।
Kabir पहले आता है।
Kabir बोला -
हटो…मैं देख लेता हूं।
वो सिस्टम खोलकर दिखावा करते हुए टाइप करता है जैसे बहुत एक्सपर्ट हो—
लेकिन कंप्यूटर और भी ज्यादा हैंग हो जाता है।
Shreya (हँसते हुए) बोली -
Kabir Ji! आप हवा क्यों भर रहे जो keyboard में?
Kabir (नाक फुलाते हुए) बोला -
मैं हवा नहीं… software adjust कर रहा हूं।
Shreya हंसते-हंसते दोहरी हो जाती है।
तभी… Karan आता है।
Karan (smile के साथ) बोला -
“Shreya…one minute side हो जाओ?
Karan तीन बटन दबाता है, wire adjust करता है और कंप्यूटर तुरंत चल पड़ता है।
Shreya खुश होकर
Karan जी… आप तो जादूगर हो!
Kabir को तीर सी जलन लगती है।
Kabir ( थोड़ा गुस्से में) बोला -
अरे मैं भी कर लेता ! Laptopथोड़ा वक्त दे देता मुझे !
Shreya (चिढ़ाते हुए) बोली -
वक्त? या फिर laptop को ICU में admit कर देते आप।
Karan हँस देता है।
Kabir उसे घूरता है—
मत हंसो भैया!
तीनों की equation बदले लगती है
Shreya जब Karan की तारीफ करती है—Kabir को जलन।
Shreya जब Kabir की बातों पर हंसती है—Karan को खटकता है।
Shreya को धीरे-धीरे लगने लगता है—
दोनों उसे सिर्फ “दोस्ती की जिम्मेदारी” से नहीं…
बल्कि दिल से protect कर रहे हैं।
तीनों के बीच एक प्यारा सा, हल्का-हल्का प्रेम-कोण बनने की शुरुआत हो चुकी है।
दोपहर बाद, ऑफिस कॉरिडोर
Shreya files लेकर चल रही होती है। अचानक उसका पैर मुड़ जाता है।
फाइलें गिरने ही वाली होती हैं कि—
Karan और Kabir दोनों एक साथ दौड़कर उसे पकड़ लेते हैं।
Shreya दोनों के बीच अटक जाती है।
Karan (चिंतित)
दर्द हुआ क्या?
Kabir (गुस्से में लड़कों पर घूरते हुए) बोला -
क्या देख रहे हो तुम लोग? जाओ अपना काम करो।
Karan तब Kabir को देखता है—दोनों की आँखों में चिंता, लेकिन ईर्ष्या नहीं।
Shreya को दोनों संभालते हुए साथ में धीरे से कहते हैं—
Karan (धीरे से) बोला -
Kabir… जो भी हो…हम दोनों नहीं लड़ेंगे।
Kabir (सिर हिलाकर) बोला -
क्योंकि…क्योंकि shreya जितनी मेरी है … उतनी ही आपकी भी है ।
दोनों की आवाज एक साथ मिलती है—
जितनी वो तेरी, उतनी वो मेरी।
Shreya उनकी बात सुन लेती है।
उसके कदम रुक जाते हैं। आँखें भर जाती हैं।
Shreya अकेली बैठी है।
वो दोनों को नहीं बता पाती कि उसका दिल इतना भारी क्यों है।
वह सोचती है—
Shreya (वॉइसओवर)
मैं… दो दिलों की जिम्मेदारी कैसे निभाऊंगी?
कैसे हो सकता है कोई एक दिल दुखे बिन सब ठीक रहे?
तभी दरवाज़ा खुलता है।
Karan और Kabir दोनों अंदर आते हैं।
Kabir (हँसते हुए) बोला -
हमने decide कर लिया…झगड़ा is not allowed..
Karan (मुस्कुरा कर) बोला -
हां…हमारा रिश्ता श्रेया से पहले का है।है…और मजबूत भी।
Shreya सर झुकाकर बैठी रहती है।
Kabir (धीरे से उसके पास बैठकर) बोला -
Shreya… तुम दोनों दोनों को परेशान करके खुद guilt में मत रहो।
Karan (उसका हाथ पकड़ते हुए) बोला -
हम दोनों जानते हैं। तुम्हारी life हम दोनों से जुड़ी है.
और ये बात हमे कबूल है।
Shreya की आँखों से आंसू निकल पड़ते हैं।
Shreya (रोते हुए) बोली -
मैं आप दोनों के बीच कभी प्रॉब्लम नहीं बनना चाहती।
Kabir (हाथ से आँसू पोंछते हुए) बोला -
Shreya… तुम problem नहीं… हमारी family हो।
Karan (मुस्कुराते हुए) बोला -
और family में प्यार बनाते नहीं देते हैं।
Kabir हाथ आगे बढ़ाता है।
Karan दूसरा हाथ रखता है।
Shreya दोनों के ऊपर अपना हाथ रख देती है।
तीनों एक साथ कहते हैं—
चाहे कुछ भी हो जाए। झगड़ा नहीं होगा।
Shreya के चेहरे पर पहली बार एक सुरक्षित, गहरी मुस्कान आती है—
क्योंकि वो समझ जाती है…
ये रिश्ता अनोखा है, पर टूटा हुआ कभी नहीं होगा।
कमरा अँधेरा, सिर्फ phone की रोशनी।
तीनों BED पर हैं—Shreya बीच में, Karan और Kabir दोनों साइड में।
Phone पर हॉरर फिल्म “1920: The Evil Returns” चल रही है।
Kabir (excited होकर ) बोला -
Ready? मैं आज दिखाता हूं असली horror का मजा।
Shreya (नर्वस, आँखें बड़ी करके) बोली -
मैं… बस साथ रहकर देखती हूं।
Please जल्दी खत्म हो जाए।
Karan (हँसते हुए) बोला -
Shreya…तुम्हारे साथ horror movie का मजा double हो जाता है ।
Shreya (glaring at Kabir) बोली -
Double नहीं… double डर लगता है।
तीनों हंसते हैं।
Movie खत्म होती है। Karan और Kabir दोनों almost तुरंत सो जाते हैं।
Shreya का दिल अभी भी धड़क रहा है।
वो थोड़ी nervous है, थोड़ी डरपोक।
Shreya (अपने आप से फुसफुसाकर) बोली -
कैसे सोए ये दोनों… और मैं… मैं कैसे सो पाऊंगी?
धीरे-धीरे वो Kabir के पास खिसकती है… फिर डर से Karan के पास।
कभी बीच में, कभी किसी side पर।
पर नींद नहीं आती।
Kabir (नींद में, हल्की हँसी के साथ) बोला -
Huh… Shreya… फिर से shift किया?
Shreya (धीरे से) बोली -
“Sorry… डर लग रहा था।
और आप दिनों side में... काफी safe लग रहा है।
Karan (आँखें बंद किए, soft tone में) बोला -
Shreya… relax…हम दोनों हैं ना…कुछ नहीं होगा।
Shreya पलटती रहती है।
Kabir आधे सोकर हिला देता है।
Karan आधा उठकर देखता है।
Shreya (मन में) बोली -
बस… एक बार सुबह हो जाए। ये horror feel खत्म हो जाएगा।
वो फिर धीरे से beech में लेटी है।
Kabir उसकी हाथों की गर्माहट महसूस करता है… Karan भी।
तीनों की breathing sync हो जाती है।
Kabir (धीरे से, सोते-सोते)
Shreya… अगर भूत आया.. मैं उसे घुमा दूंगा । और करण भैया आप भी side में।
Karan (half awake, whisper करते हुए) बोला -
Kabir… chill…
Shreya (धीरे से मुस्कुराती है, लेकिन अभी डर के कारण नींद नहीं आती) बोली -
बस… दोनो के पास ही… safe feel होता है…।
धीरे-धीरे सुबह की हल्की रोशनी कमरे में आने लगती है।
Shreya की आँखों में थकान और हल्का सा comfort दिखता है।
रात भर भले ही नींद न आई हो, पर डर थोड़ा कम हुआ है… और सुरक्षा महसूस हो रही है।
Karan और Kabir उठते हैं, Coffee बनाने की तैयारी।
Shreya अभी भी थोड़ी tired लेकिन smile करती है।
Shreya (धीरे से) बोली -
कल से… horror movie नहीं देखूंगी… और रात को… मैं शायद पहले ही comfort position choose कर लूंगी।
Kabir (funny tone में) बोला -
हां… और मैं और Karan भैया दोनों ready रहेंगे।…
तुम्हारे लिए personal bodyguard के रूप में।
Karan (मुस्कुराते हुए) बोला -
Shreya… तुम safe feel कर रही हो… बस यही काफी है।
तीनों हँसते हैं।
पहली डरपोक, लेकिन slowly comforted night का end होता है।