The beloved wife of two husbands - 10 in Hindi Detective stories by Sonam Brijwasi books and stories PDF | दो पतियों की लाडली पत्नी - 10

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 10

Doctor cabin. Shreya chair पर बैठी है, आँखें बंद, हल्का दर्द अभी भी बना है। Kabir और Karan दोनों उसके दोनों तरफ बैठे हैं — चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही है।

Doctor (शांत स्वर में) बोलीं - 
देखिए… reports बिल्कुल normal हैं। Shreya को migraine है । इसलिए हमेशा थकान, चक्कर, सिर दर्द, light से problem, कभी कभी उल्टी… ये सब होता रहता है।

Kabir (चौंककर) बोला - 
Migraine? पर doctor ये इतना ज्यादा क्यों हो जाता है?

Doctor बोलीं - 
Stress, हवा पानी बदलाव, hormonal imbalance, या कभी ज्यादा excitement से भी migraine trigger हो सकता है।

Karan (हल्की बेचैनी में) बोला - 
पर जब attack आया… Shreya तो बिल्कुल टूट सी गई थी। हम दोनों तो घबरा गए थे।

Doctor (फ़ाइल बंद करते हुए) बोलीं - 
ये normal है। कुछ लोग बहुत sensitive होते हैं। उनका body response ज्यादा strong होता है। आप लोग tension मत लीजिए…बस इनको rest, timely food, warm environment और medication देते रहिए।

Shreya धीरे से आँखें खोलती है। Kabir उसके कंधे पर हाथ रखता है। Karan पानी का ग्लास उसके होंठों के पास लाता है।

Shreya (धीरे से) बोली - 
मुझे लगा कुछ serious है...।

Karan (उसका हाथ पकड़ते हुए) बोली - 
हम तुम्हे कुछ होने ही नहीं देंगे ।

Kabir (नरमी से) बोला - 
हां… migraine हो या दुनिया का दर्द… तुम हमारे बीच में हो, safe हो।

Shreya दोनों की तरफ देखती है, आँखें हल्की भीग जाती हैं।

Shreya बोली - 
पर मैं इतनी sensitive क्यों हूं? थोड़ा सा weather change भी नहीं झेल पाती।

Doctor (मुस्कुराते हुए) बोलीं - 
सबकी body अलग होती है श्रेया। तुम्हारा शरीर बस ज्यादा प्रतिक्रियाशील है। इसमें डरने वाली कोई बात नहीं। बस खुद को आराम दो।

Doctor दवाई लिखकर देती है। Kabir और Karan सिर हिलाकर धन्यवाद कहते हैं और बाहर निकल जाते हैं।

Outside Hospital – Corridor Scene

Shreya धीमे-धीमे चल रही है। Kabir उसके एक तरफ, Karan उसके दूसरी तरफ।

Karan बोला - 
आज से कुछ भी trigger लगा ना… तुम उस वक्त हमारे पास आ जाना। हम संभाल लेंगे।

Kabir बोला - 
बिल्कुल! Migraine तुमसे strong नहीं है। तुम हमारी responsibility हो, और हम तुम्हे कभी suffer नहीं करने देंगे।

Shreya हल्की सी मुस्कान देती है, लेकिन अंदर से डर और असमंजस बना है — उसे अभी भी लगता है कि उसकी body में शायद कुछ और भी छुपा हुआ है… जिसे वो जानती नहीं।

Shreya (मन ही मन) बोली - 
आखिर मैं ऐसी क्यों हूं…? मुझे लगता है migraine से बड़ा कुछ है।

 होटल का कमरा। हल्की पीली लाइट। बाहर बारिश की बूंदें खिड़की पर टकरा रही हैं। कमरा शांत है। Shreya बीच में लेटी है — सिर Karan के सीने पर टिके हुए। Kabir उसके बालों को हल्के से सहला रहा है। तीनों बहुत आराम और अपनेपन में डूबे हुए हैं.)

Karan (धीरे से Shreya की पीठ थपथपाते हुए) बोला - 
तुम्हारी stories कौन भूल सकता है Shreya? हर line में जान होती है… जैसे दिल की आवाज कागज पे उतार दी हो।

Shreya आँखें बंद रखते हुए हल्की मुस्कान देती है।

Shreya बोली - 
अगर आप दोनों साथ हो ना…तो कहानियां अपने आप लिख जाती हैं।

Kabir पास से बोलता है, आवाज में वो शायराना नरमी।

Kabir बोला - 
और हम तुम्हारे लफ्जों में अपना साया देखते हैं, तुम लिखती हो....और हम महसूस करते हैं।

Shreya थोड़ा और सिमट कर Karan के सीने पर अपना सिर दबा देती है।

Karan (हँसते हुए) बोला - 
और मैं… गजल लिखता हूं, पर जब से तुम दोनों आए हो....मेरी गजलें और भी ज्यादा महसूस होने लगीं हैं।

Kabir (छेड़ते हुए) बोला - 
हां…कभी कभी ग़ज़ल के बहाने श्रेया को impress करने का मौका ढूंढते हैं ये।

Shreya आँखें खोलकर Karan की तरफ देखती है।

Shreya (मजाक में) बोली - 
सच बताइए? गज़ल मेरे लिए लिखते हो आप?

Karan (उसके माथे पर किस करके) बोला - 
हर गजल… किसी ना किसी तरह तुम तक ही आती है।

Kabir मुस्कुराकर शायरी के अंदाज़ में बोलता है।

Kabir बोला - 
हम कलम लेते हैं,
पर लफ्ज़ तुम बना देती हो…
दोनों को साथ रखो Shreya,
जिंदगी खुद ही सेर बना देती हो…।

Shreya धीमे से Kabir का हाथ पकड़ लेती है।
कमरे में हल्की शांति है। बारिश की आवाज़ बैकग्राउंड में। Kabir धीरे से Shreya को अपनी ओर खींचता है।

Kabir बोला - 
तीनों को singing आती है…क्यों ना थोड़ा सा गया जाए?

Karan बोला - 
हां… Shreya गए… हम साथ देंगे।

Shreya आँखें बंद करते हुए Karan के सीने पर सर रखकर धीरे-धीरे गुनगुनाती है।

Shreya (धीमी, नरम आवाज़ में) गाती है - 
मैं जान ये वार दूं, हर जीत भी हार दूं, 
    कीमत हो कोई तुझे, बेइंतहां प्यार दूं।

Kabir अपनी deep voice में हुम करता है। Karan उसकी लाइन के साथ एक सुर जोड़ देता है।

करण गाता है - 
ह्म्म....मैं जान ये वार दूं, हर जीत भी हार दूं, 
         कीमत हो कोई तुझे, बेइंतहां प्यार दूं।

Shreya गाती है - 
सारी हदें मेरी, अब मैने तोड़ दीं,
     देकर मुझे पता, आवारगी बन गये।

Kabir गाता है - 
 हां हसी बन गए, हां नमी बन गए ,
       तुम मेरे आशमां, मेरी जमी बन गए।

फिर तीनों एक साथ - 
हो हो ...........हो हो .............

 तीनों की आवाज़ें मिलकर कमरे में एक शांति भर देती हैं।

Kabir (Shreya के बाल सहलाते हुए) बोला - 
पता है श्रेया…तुम्हारी आवाज सुनकर लगता है जैसे दिल को सुकून मिल गया हो।

Karan बोला - 
हां… तुम दोनों के बिना गाना अधूरा लगता है।

Shreya दोनों की तरफ देखती है — आँखों में softness, भरोसा और belonging।

Shreya बोली - 
मैं lucky हूं कि लिख भी लेती हूं… गा भी लेती हूं…
पर ऐसा लगता है मेरा strength आप दोनों हो।

Kabir बोला - 
और हमारी strength… तुम।

 तीनों एक-दूसरे की गर्माहट में सिमटे हुए हैं, शांति, प्यार और अपनी दुनिया में खोए हुए…।

रात का समय। तीनों अपने घर के वर्करूम में बैठे हैं। Shreya लैपटॉप पर तेज़ी से टाइप कर रही है। आँखों में एक अलग ही seriousness है। Karan और Kabir सोफे पर उसे देख रहे हैं।
Shreya का चेहरा अचानक सख्त पड़ जाता है। वो तेजी से स्क्रीन को zoom करती है, फिर कुछ files compare करती है।

Shreya (हल्के सदमे में, धीरे से) बोली - 
ये… ये possible कैसे हो सकता है…?

Kabir उठकर पास आता है।

Kabir बोला - 
क्या हुआShreya?

Shreya गहरी सांस लेती है।

Shreya बोली - 
Kabir ji… Karan ji… हम जिस company में कम करते हैं… वहां huge scam चल रहा है।

Karan तुरंत गंभीर हो जाता है।

Karan बोला - 
क्या मतलब? कितने का घोटाला?

Shreya (लैपटॉप घुमाकर) बोली - 
Crores… literally crores.
और सब owner के सामने से हो रहा है।
उन्हें पता भी नहीं।

दोनों भाई एक-दूसरे को देखते हैं. Situation कितनी बड़ी है, ये साफ महसूस हो रहा है।

Kabir (धीमे पर दृढ़ स्वर में) बोला - 
तुम sure हो? Data confirm है?

Shreya बोली - 
100%. मैने तीन बार verify किया।
Ledger, invoices, dummy vendors… सब fake.

Karan Shreya के पास बैठकर उसके हाथ पकड़ता है।

Karan बोला - 
Shreya… ये बात किसी और को बताई?

Shreya (सिर हिलाते हुए) बोली - 
नहीं , पहले आप दोनों को बताना जरूरी था।
मैं सच से कभी नहीं डरी… पर बिना सोचे समझे कदम नहीं उठाना चाहती।

Kabir गर्व भरी नज़र से Shreya को देखता है।

Kabir बोला - 
तुम होनहार हो… बहादुर भी,
पर इस बार game बड़ा है।

Kabir टेबल पर फाइलें फैलाकर पढ़ना शुरू करता है। Karan लैपटॉप पर details cross-check करता है।

Karan बोला - 
इसके पिछे कोई बड़ा आदमी है Shreya. Normal employees इतना बड़ा scam नहीं कर सकते।

Kabir बोला - 
हां , यहां या तो CFO ya finance head involved होगा।

Shreya चुपचाप दोनों को काम करते देखती है।

Shreya (सावधानी से) बोली - 
अगर हम expose करते हैं… तो हमारी jobs तो जाएंगी ही…
शायद जान का risk भी हो।

Kabir तुरंत उसका हाथ पकड़ लेता है।

Kabir (सीधे उसकी आँखों में देखते हुए) बोला - 
जान का risk हो तो पहले हम लड़ेंगे, तुम नहीं।

Karan उसके कंधे पर reassuring हाथ रखता है।

Karan बोला - 
तुमने सही काम किया हमें बताकर।
अब इसे मिलकर handle करते हैं।
हम तीन… एक team...।

तीनों एक गोल मेज पर बैठते हैं। माहौल intense, serious लेकिन controlled।

Kabir बोला - 
First step: - सब data एक backup drive में save करो।

Karan बोला - 
और source को safe रखना। किसी को पता नहीं चलना चाहिए कि तुमने के information देखी है।

Shreya (firm voice में) बोली - 
मैं सच को छुपाऊंगी नहीं।
पर किसी गलत कदम के बिना expose करुंगी।
आप दोनों मेरे साथ हो तो मुझे कुछ नहीं होगा।

दोनों भाई एक साथ बोलते हैं।

Karan & Kabir बोले - 
Always.”l

तीनों मिलकर files देख रहे हैं, स्टोरी की तरह suspense बढ़ रहा है।
Shreya के चेहरे पर हल्का सा डर… मगर उससे ज्यादा एक अटूट हिम्मत।
और दोनों पतियों की आँखों में सिर्फ एक चीज—protectiveness।