The beloved wife of two husbands - 7 in Hindi Women Focused by Sonam Brijwasi books and stories PDF | दो पतियों की लाडली पत्नी - 7

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 7

रात का कमरा, हल्की नीली लाइट
Shreya हीटिंग पैड लगाए लेटी है।
चेहरा थका हुआ… आँखें आधी बंद… पर अब अकेली नहीं।
करन उसके सिरहाने बैठा है।
कबीर पैरों के पास, उसके तलवों को हल्के-हल्के दबा रहा है।
Shreya बहुत धीरे से sigh करती है—
दर्द थोड़ा कम हुआ है।
Karan धीरे से उसके बाल सहलाता है:

करण बोला - 
अब कैसा feel हो रहा है?

Shreya (बहुत धीमे, मासूम बनकर) बोली - 
थोड़ा better…
आप दोनों हो ना… इसलिए…।

कबीर ( तुरंत शरारत भरे अंदाज में) बोला - 
क्या बात है… हम दोनों की presence दर्द की medicine है क्या?

Shreya हंसने की कोशिश करती है, पर दर्द से मुंह बिचक जाता है।
Karan उसके पास और झुकता है।
Kabir उसके पैरों को रुकावट से बचाने के लिए कंबल सही करता है।
Shreya दोनों को देखकर भावुक हो जाती है।

Shreya बोली - 
आज…पहली बार मुझे लगा कि....
मैं alone नहीं हूं।
आप दोनों हो… मेरे लिए।

Kabir तुरंत उसकी नाक पकड़कर बोल देता है- 
और हम दोनों पे इतना भरोसा रखना...
कोई डर नहीं होगा।

Shreya करवट बदलने लगती है, किस साइड खिसके—इसमें उलझी हुई।
दोनों एक साथ आगे बढ़ते हैं, almost टकरा जाते हैं।

Kabir:
अरे भैया! मैं उसको cushion देता हूं!
आप क्यों आ गए?

Karan बोला - 
Kabir… side pain हो रहा है।
मुझे पता है कैसे soothe करना है।

Kabir तुनक जाता है।

Kabir बोला - 
हां तो मुझे भी पता है !
आप ही doctor हो क्या?

Karan भी थोड़ा irritated—पहली बार हल्का सा ego।

Karan बोला - 
मैं बस help कर रहा हूं।

Shreya एकदम बीच में बोलती है -,
बस!
आप दोनों मुझे और tension दोगे क्या?

दोनों चुप।
नीचे देखते हुए—शर्मिंदा बच्चे जैसे।
कुछ देर बाद श्रेया करन के सीने पर सिर टिका लेती है।
Kabir उसे देखता है… मुरझाई सी jealousy उसके चेहरे पर।
Karan नोटिस कर लेता है और मुस्कुराता है।

Karan:

आजा Kabir… तू भी आजा।
Hug चाहिए इसको… और तुझे भी।

Kabir तुरंत पास आ जाता है और श्रेया को धीरे से अपनी तरफ खींच लेता है।

Shreya दोनों के बीच फँसी हंसते हुए बोली - 
आप दोनों एक दूसरे की  jealous क्यों करते हो?

Karan बोला - 
क्योंकि तुम दोनों की हो।

Kabir बोला - 
और मैं तुम्हे किसी से बांट नहीं सकता…
भैया को छोड़कर 

तीनों फिर हल्की हंसी में टूट पड़ते हैं।
दर्द, चिड़चिड़ापन—सब भूल सा जाता है।
श्रेया दोनों को पकड़कर खुद के और पास खींच लेती है।

Shreya बोली - 
आप दोनों हो ना...
तो मैं हर problem handle करती रहूंगी।

Karan उसके माथे पर किस करता है।
Kabir उसके हाथ पकड़कर उसे warm करता है।
तीनों एक ही कंबल के अंदर
एक ही पल में
सबसे ज्यादा connected महसूस कर रहे हैं।

शनिवार की सुबह, घर का हॉल

Karan laptop बंद करता है, Kabir फाइलें समेट रहा है।
Shreya थकी आँखों से दोनों को देखती है।

Karan बोला - 
बस! Enough work.आज हम कहीं घूमने चलते हैं।

Kabir (खुश होकर उछलते हुए) बोला - 
हां! Long drive! Mountains! समोसे! Photos!
वाह… picnic mood ON!

Shreya हल्का-सा हँस देती है—पहली बार इतने दिनों में उसके चेहरे पर असली मुस्कान।
लेकिन… Karan की एक टेंशन
Karan अचानक Shreya की तरफ शंका से देखता है।

Karan बोला - 
पर… श्रेया की health…

Kabir भी उसी वक्त serious हो जाता है।

Kabir बोला - 
हां…हमारी बीबी तो walking AC है—कभी भी बीमार हो जाती है ।
या बोलो नजर लग जाती है।

Shreya (नाराज़ होकर) बोली - 
“Very funny!
मैं बीमार नहीं… बस थोड़ी-सी sensitive हूं!

Karan और Kabir एक साथ बोले - 
हां… बहुत थोड़ी!

Kabir उंगलियाँ गिनाने लगता है।

Kabir बोला - 
छींक—रोज।
Cold—रोज।
उल्टी—हफ्ते में दो बार।
भूख कम—रोज।

Karan बीच में जोड़ता है—

Karan बोला - 
Low BP—रोज 
Body fatigue—रोज 
चक्कर—बात बात पर ।

Shreya गुस्से में cushion फेंक देती है।

Shreya बोली - 
बस करिए!!
मुझे नजर नहीं लगती !

उसी सेकंड Shreya—
“Aaachooo!!”
जोरदार छींक।
दोनों भाई एक साथ उसे घूरते हैं।

Kabir बोला - 
देखा? नजर लगती है!

Shreya मुँह फुला लेती है।
क्यूट, गुस्सैल, और बहुत मासूम।
पर फिर वो लोग मान गए।

Karan पानी लाता है।
Kabir jacket लेकर आता है।

Karan बोला - 
Long Drive पर चलते हैं, but full safety.
Thermos में गरम पानी।
Oranges.
Chocolates.
Medicines.

Kabir बोला - 
Plus –
Shawl, jacket, scarf,
और… एक portable heater भी ले चलें क्या?

Shreya तुनककर बोली - 
अरे picnic पर जा रहे हैं या hospital?

Kabir उसके सामने खड़ा हो जाता है arms-cross करके—जैसे security guard।

Kabir बोला - 
जब तक मैं green signal ना दूं, Shreya car में नहीं बैठेगी।

Shreya बोली - 
क्यों?

Kabir बोला - 
पहले check करूंगा।
BP normal?
Dizziness?
उल्टी?
सर्दी?

Shreya ग़ुस्से में उसे धक्का देने लगती है।

Shreya बोली - 
पागल हो क्या आप! मुझे कोई problem नहीं!!

Karan Shreya के कंधे पर हाथ रखकर शांत स्वर में बोलता है—
Shreya… हम overprotective नहीं हैं।
बस…तुम ज़रा सा भी बीमार पड़ जाती हो ना,
तो हम दोनों को heart atteck आ जाता है।

Kabir भी सिर हिलाता है—गंभीर होकर।

Kabir बोला - 
हां....
तुम हमारी जान हो।

Shreya की आँखें भर आती हैं।
वह दोनों को एक साथ hug कर लेती है।

Shreya (धीरे से) बोली - 
Promise…मैं आपका ख्याल रखूंगी।

Karan (soft होकर) बोला - 
और हम दोनों तुम्हारा।

Kabir (कंधे पर सिर रखते हुए) बोला - 
अब चलो…
नहीं तो picnic से पहले ही रोने की  picnic हो जाएगी।

तीनों हँसते हुए घर से निकलने की तैयारी करने लगते हैं।
Car के अंदर, ठंडी सी शाम, कार हाईवे पर दौड़ रही है
Kabir गाड़ी चला रहा है।
पीछे Karan और Shreya साथ बैठे हैं। ठंडी हवा AC से आ रही है।
Shreya हल्की काँपती है और धीरे-धीरे Karan की बाँहों में सिमट जाती है।
उसका सिर Karan के सीने पर टिक जाता है।
Karan उसे देखकर हल्का मुस्कुराता है और अपनी जैकेट उसके कंधों पर डाल देता है।

Kabir (रियर मिरर में देखते हुए, मजाकिया लहजे में) बोला - 

बस बस…इतना चिपकने कि जरूरत नहीं है।
एक घंटे बाद मैं पीछे आऊंगा।
फिर भैया car चलाएंगे।

Karan ठहाका लगाते हुए बोला - 
"हाँ हाँ…आ जाना। 
तब तुम्हारी बीबी मेरी बाहों से निकलकर तुम्हारी बाहों में आ जाएगी।
मौका दे देते हैं।

Kabir बोला - 
अरे वाह… इतना confidence? देखेंगे!

Shreya, दोनों को सुनकर शर्माती है—

श्रेया बोली - 
बस करिए ना… आप दोनों ही पागल हो।

थोड़ी देर बाद।
कार आराम से आगे बढ़ रही है। Shreya की हालत अभी भी थोड़ी कमजोर है। उसका सिर अभी भी Karan के कंधे पर रखा है।

Karan, उसके बालों को हल्के से हटाकर बोला - 
तबियत ठीक है ? Cold लग गया क्या?

Shreya धीरे से बोली - 
Hmm… थोड़ा... पता नहीं…हवा लगते ही ठंड लग जाती है ।

Kabir (concerned) बोला - 
Shreya… तुम्हे बोल था jacket पहन लो। तुम सुनती ही नहीं। Sensitive body है तुम्हारी। और तुम…

Shreya मुंह बनाते हुए बोली - 
बच्चों की तरह डाँटते मत रहा करो दोनों।

Karan हँसते हुए बोला - 
अच्छा babu… नहीं डाँटेंगे. तुम बस आराम से रहो।

1 घंटे बाद, एक ढाबे के पास)
Kabir कार रोकता है।

Kabir बोला - 
बस… अब मैं पीछे बैठूंगा। Karan भैया… अब आपकी बारी है driver बनने की!

Karan, steering पर बैठते हुए बोला - 
हां… चलो babu, अब तुम इनकी गोद में chill करो।

Shreya, शर्माती हुई बोली - 
आप भी ना कुछ भी....

Kabir पीछे आकर Shreya के पास बैठता है।
जैसे ही बैठता है — Shreya अपने आप Kabir के कंधे पर सिर रख लेती है।

Kabir, उसकी नाक पर हल्का सा टच करते हुए 
बोला - 
अब ठीक लग रहा है?

Shreya, आँखें बंद करते हुए बोला - 
Hmm…आप दोनों साथ हैं… सब ठीक लग रहा...।

Karan शीशे में उन्हें देखकर मुस्कुराता है—
Perfect family moment.

Kabir बोला - 
अब चलो, trip शुरू करते हैं। आगे बहुत मजे आने वाले हैं।