The beloved wife of two husbands - 11 in Hindi Women Focused by Sonam Brijwasi books and stories PDF | दो पतियों की लाडली पत्नी - 11

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दो पतियों की लाडली पत्नी - 11

अगली सुबह। घर में हल्का उजाला। Karan और Kabir उठते हैं, लेकिन उनके बीच वाली जगह… खाली।
Kabir चौंककर उठ बैठता है।

Kabir बोला - 
Shreya…?

Karan भी उठता है, उसके चेहरे पर भी बेचैनी।

Karan बोला - 
Washroom में होगी शायद।

दोनों दरवाजा खटखटाते हैं — कोई जवाब नहीं।

Kabir बोला - 
Kitchen?

Kitchen खाली। Balcony खाली। पूरा घर खंगाल लेते हैं — Shreya कहीं नहीं।
Karan की सांस तेज होने लगती है।

Karan (चिंता में) बोला - 
Kabir… Shreya कही गई ही नहीं… ये सब कुछ normal नहीं लग रहा।

Kabir mobile उठाकर उसे call करता है—“The number you are trying to reach is switched off.

Kabir (गुस्सा + डर से) बोला - 
Phone off है! ऐसा क्यों करेगी वो?

दोनों एकदम tension में आ जाते हैं।
दोनों तेज़ी से कपड़े पहनते हैं और बाहर निकलते हैं।

Kabir सड़क पर लोगों से Shreya का फोटो दिखाकर पूछता है - 
भैया, ये लड़की देखी थी क्या?

Karan दुकानदारों से बार-बार पूछता है - 
सुबह यहां कोई ऐसी लड़की गुजरी थी क्या ? अकेली थी?

दोनों रिक्शा वालों, security guards, sab से पूछते रहते हैं।
हर कोई नहीं देखा कहता है।
दोनों थके, पसीने से भीगे, घबराए हुए वापस आते हैं।

Karan (लगभग रोने की हालत में) बोला - 
Kabir…कहीं वो scam के लोगों ने ही कुछ...।

Kabir जोर से उसकी बात काटता है।

Kabir (गुस्से में) बोला - 
नहीं! कुछ नहीं होगा उसे!
Shreya को कुछ नहीं हो सकता!

Kabir दीवार पर मुक्का मारता है, हाथ से खून निकल आता है।

Karan (उसे पकड़ते हुए) बोला - 
Kabir…संभाल…हम दोनों टूट गए तो shreya का क्या होगा....?

Kabir जमीन पर बैठ जाता है, सर पकड़कर।

Office में - 
Karan table पर Shreya की diary उठाता है—उसमें एक page आधा बाहर निकला हुआ…।

Karan बोला - 
ये क्या है…?

वो page निकालता है— उसपर बस इतना लिखा है - 
अगर मुझे कुछ हो जाए, तो समझ लेना...मैं सच तक पहुंच गई थी।

Kabir के हाथ कांपने लगते हैं।

Kabir (धीमी, भारी आवाज़ में) बोला - 
इसका मतलब… वो किसीdanger में थी… और हमसे छुपा रही थी।

दोनों एक-दूसरे को देखते हैं— आँखों में डर + गुस्सा + determination.

Karan बोला - 
Shreya ने scam पकड़ा था…
और अब वो गायब है…
ये coincidence नहीं हो सकता।

Kabir (दांत भींचकर) बोला - 
अब बस… हम उन गुनहगारों को निकाल लेंगे।
Shreya को एक खरोंच भी आई ना...
पूरी दुनियां को हिला देंगे।

दोनों हाथ मिलाते हैं—एक intense vow.

 एक सुनसान पुराना गोदाम। अंधेरा। ऊपर से पानी टपक रहा है। चारों तरफ गूँजती भारी आवाज़ें। Shreya को कुर्सी से बाँधा गया है। उसकी आँखों में डर नहीं—दृढ़ता है।

Gunda 1 (धमकाते हुए) बोला - 
Engeenior होकर journalist बनती है? Company का scam पकड़ लिया?
अब सच पकड़ने का शौक उतार देंगे तेरा !

Shreya हिम्मत से बोलती है।

Shreya बोली - 
सच को कोई नहीं रोक सकता… duffer लोग हो तुम।

Gunda उसे थप्पड़ मारने को हाथ उठाता है— तभी बाहर गाड़ी के ब्रेक की तेज़ आवाज़ आती है।
दरवाज़ा जोर से टूटता है— Karan अंदर घुसता है आँखों में आग लिए। उसके पीछे Kabir।

Kabir (चिल्लाकर) बोला - 
हाथ लगाया Shreya को… तो ज़िंदा नहीं बचोगे!

Gundo का गैंग दोनों भाइयों को घेर लेता है।
Kabir एक गुंडे के पेट में कोहनी मारकर उसे गिराता है
Karan दो गुंडों को एक साथ पकड़कर दीवार पर फेंकता है
एक गुंडा पीछे से Karan पर वार करता है — Kabir उसकी टांग पर लात मारकर Karan को बचाता है
Karan एक स्टील पाइप उठाकर दो गुंडों को बेहोश कर देता है
Kabir कुर्सी की रस्सियों को काटता है

Shreya की रस्सियां खोल दीं। Shreya गिरने वाली होती है, पर Karan दौड़कर उसे पकड़ लेता है।

Shreya (कमजोर, कांपती हुई) बोली - 
K-Karan जी… मुझे पता था… आप दोनों आओगे…।

Karan उसे अपनी बाँहों में कस लेता है।

Karan (गुस्सा + दर्द से भरकर) बोला - 
Shreya… तुमने बताया क्यों नहीं? तुम्हे कुछ हो जाता तो…?

Kabir पीछे से गुस्से में लेकिन राहत भरी आवाज़ में।

Kabir बोला - 
चलो यहां से…अब यहां एक second भी नहीं रुकेंगे।

Kabir कार के पास दौड़कर दरवाज़ा खोलता है।

Kabir बोला - 
भैया! Shreya को पीछे बिठाओ!

Karan Shreya को अपनी गोद में उठाए रहता है—वो इतनी कमजोर है कि खड़ी भी नहीं हो पा रही।

Shreya (धीरे से Karan के सीने पर सिर टिकाते हुए) बोली - 
मुझे ठंड लग रही है।

Karan उसे और कसकर पकड़ लेता है।

Karan बोला - 
हम दोनों हैं ना… कुछ नहीं होगा।

Kabir ड्राइवर सीट पर बैठते ही तेज़ी से कार स्टार्ट करता है। टायरों की चीख… और कार तेज़ी से वहाँ से निकल जाती है।
Shreya Karan की गोद में बिल्कुल सिमट कर लेटी है। उसके चेहरे पर चोट के निशान हैं—लेकिन आँखों में भरोसा।

Karan (धीरे से उसके बाल पीछे करते हुए) बोला - 
बस थोड़ा और… हम safe place पर है अब।

Kabir (ड्राइव करते हुए पीछे मुड़कर) बोला - 
Shreya… डरना मत... तुम्हारी एक सांस भी काम हुई ना… तो मैं दुनिया जला दूंगा।

Shreya आँखें बंद करते हुए फुसफुसाती है।

Shreya बोली - 
मुझे पता है…मेरा सहारा आप दोनों हो।

Karan उसे अपनी छाती से लगा लेता है। Kabir कार की स्पीड बढ़ा देता है।
Shreya safe है, लेकिन trauma में।
दोनों भाई उसके एक-एक आँसू का हिसाब लेने को तैयार हैं।

रात 10 बजे। घर लौट चुके हैं। दरवाज़ा बंद होते ही कमरे में भारी ख़ामोशी छा जाती है। Shreya थकी हुई, डरी हुई, दर्द में है।
Karan तुरंत पानी लेकर आता है, Kabir फर्स्ट-एड किट। Shreya शांत बैठी है, चेहरा झुका हुआ।

Kabir (तेज़, लेकिन आवाज़ काँपती हुई आवाज में) बोला - 
Shreya! तुम अकेले क्यों गईं? हमे बोल नहीं सकती थीं?

Karan (आँखों में गुस्सा छुपाते हुए) बोला - 
ऐसी जान की बाजी वाले काम… बिना बताए? ये बचपना था!

Shreya की आँखें भर आती हैं। उसके होंठ कांपते हैं।

Shreya (बिखरी हुई, टूटी आवाज़ में) बोली - 
मुझे बचपन से crime reporter बनना था… पर घरवालों ने मना कर दिया।

Karan और Kabir धीरे-धीरे शांत होने लगते हैं।

Shreya बोली - 
उन्होने बोला कि जो करना है शादी के बाद करना।
और मैं…मैं उस सपने को छोड़ ही नहीं पाई।

Shreya की आँखों से आँसू गिरते हैं।

Shreya (रोते हुए) बोली - 
इसलिए मैने sting operation किया।
गलत किया…पर मेरे dream ने मजबूर किया।

Kabir के हाथ से पट्टी लगाते-लगाते रुक जाते हैं। उसकी आँखें नरम पड़ जाती हैं।

Kabir (बहुत धीरे) बोला - 
तुम्हारे सपने पे डांट कैसे सकते हैं हम।

Karan भी गहरी साँस लेकर उसके कंधे पर हाथ रखता है।

Karan बोला - 
बस…हमें बताया होता…हम तुम्हारे साथ ही होते।

Shreya बोली - 
कबीर जी! एक बात बताऊं जिस सीरियल से मुझे inspairation मिली थी riporter बनाने की उसमे भी riporter जो हीरो था ना उसका नाम भी kabir था।

Kabir बोला - 
अच्छा जी !

Karan हंसने लगा।

तीनों लेटते हैं। कमरे में हल्की रात की रोशनी। Shreya बीच में, दोनों भाई दोनों तरफ।
Shreya आँखें बंद करते ही गहरी नींद में चली जाती है। वो बहुत थक चुकी थी।
Kabir छत की ओर देख रहा है, उसकी आँखें लाल हैं।

Kabir (धीरे फुसफुसाकर) बोला - 
भैया… shreya हिम्मतवाली है ना…और हम उसके dream का 1 percent भी नहीं जानते थे।

Karan भी करवट बदलता है, Shreya की ओर देखते हुए।

Karan बोला - 
Kabir… आज वो हमारी वजह से बच गई।
पर अगर हम late हो जाते तो...?

Kabir गुस्से से हाथ भींच लेता है।

Kabir बोला - 
सोचना भी मत।

Shreya नींद में बेचैन होती है… पहले Kabir की तरफ करवट लेती है और धीरे से उससे चिपक जाती है।
Kabir के दिल की धड़कन तेज़ हो जाती है।

Kabir (धीमे, खुद से) बोला - 
डरपोक सी… पर कितनी प्यारी.....।

फिर थोड़ी देर बाद करवट बदलकर Karan की तरफ आती है और उसका हाथ पकड़ लेती है।
Karan की साँस रुक जाती है कुछ पल के लिए।

Karan (शर्मीली मुस्कान के साथ) बोला - 
सो जाओ Shreya… हम दोनों यहीं हैं।

Kabir बोला - 
भैया… हम दोनों गिर रहे हैं ना?

Karan उसकी बात समझ जाता है।

Karan बोला - 
हां…हम दोनों shreya के प्यार में गिर रहे हैं।

दोनों शांति से Shreya को देखते हैं—जो मासूम बच्चे की तरह सो रही है।
Shreya उन दोनों के लिए अब सिर्फ ज़िम्मेदारी नहीं… एहसास बन चुकी है।
और दोनों भाई उससे दूर भी नहीं रह सकते…।