Ek Musafir Ek Hasina - 12 in Hindi Thriller by Swati Grover books and stories PDF | एक मुसाफ़िर एक हसीना: A Dangerous Love Story - 12

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एक मुसाफ़िर एक हसीना: A Dangerous Love Story - 12

12

कहानी

 

अब अनुज और अश्विन  वहाँ  पहुँच  गए,  जहाँ  से  यह खबर  आई  थी,  नई  दिल्ली  रेलवे  स्टेशन  के ट्रैक  पर एक लाश  मिली है और वह लाश  माया  के सिक्योरिटी  गार्ड मनोहर  की है,  उसे किसी  ने चलती  ट्रैन  से धक्का  दे दिया थाl  अनुज ने उसकी लाश  को फॉरेंसिक   जाँच  के लिए भेज  दिया और   पूरे  ट्रैक  को सील  कर दिया गया l  अब अनुज ने एक गहरी  साँस  लेते हुए कहा,

 

“अश्विन,  इसका मतलब  किलर  हम  पर नज़र  रख  रहा हैl” अनुज यह बोलते हुए रेलवे स्टेशन को गौर से देख रहा है l  

 

“मुझे भी यही लग रहा हैl”  अश्विन  की नजर भी आसपास ही घूम रही हैl

 

“लगता है, इस किलर  को लग रहा  है  कि  इसकी कहानी  खत्म होने वाली है, इसलिए यह सबूत  मिटाने  की कोशिश  कर रहा  है l”

 

“नहीं यार!! यह  सीरियल  किलर  इतनी आसानी  से किसी से डरते नहीं  हैl  यह तो हमें  बस  चैलेंज  पर चैलेंज कर रहा  हैl”  अश्विन  ने यह कहते  हुए  अपनी मुट्ठियाँ  भींच  ली l “सच कहो तो  मुझे ऐसे  किलर बहुत पसंद  हैl “ अश्विन की यह बात सुनकर अनुज के चेहरे  पर मुस्कान  आ गईl

 

अब अश्विन  करण  से मिलने  एक बड़े से गोदाम पर गया, जहाँ  पर वह  रोनित  पर नज़र  रखें  हुए हैl अश्विन  को  देखते  ही उसने उसे सेल्यूट  किया और अश्विन ने उस गोदाम में  बैठते  हुए उससे  उसके काम  का अपडेट  लियाl  “सर तीन दिन बाद  एक ड्रग  का कन्साइनमेंट  शिपिंग से जाने वाला हैl  “ “तुमने  माइक्रोफोन कहाँ फिट  किया है? “ करण ने  मुस्कुरा कहा, सर हमने  अपना  चलता-फिरता माइक्रोफोन रोनित की इस  जुर्म  की दुनिया  में  भेज  दिया हैl  अश्विन  ने अब उसे सवालियाँ  नज़रों से देखा तो करण  ने ज़वाब  दिया,  “सर मैंने  सान्या  को उसके हॉउसकीपिंग  स्टाफ  में   रिक्रूट  करवा दिया हैl  उसकी यूनिफार्म पर लगा माइक  और कैमरा  हमें पल पल की खबर  दे रहा हैl”  “ध्यान  से करण,  उस रोनित  को सान्या  की ज़रा  सी भी भनक हो गई  तो उसकी जान  भी जा सकती हैl” “डोंट  वोर्री  सर, ऐसा कुछ भी नहीं होगा, सान्या बड़ी ही होशियारी के साथ एक-एक कदम रख रही हैl” “हम्म !!! अब उसने वो लैपटॉप  देखा जिस पर रोनित  का आलीशान  ऑफिस  नज़र  आ रहा है और फिर हेडफ़ोन लगाकर  कुछ सुनने  लगा और करण की तारीफ करते हुए बोला, “गुड आख़िर तुमने दिल्ली में बैठे-बैठे रोनित की गुजरात में बनी लंका  पर नजर रखने का सही इन्तजाम किया है, अब कुछ देर और करण से बात करकर अश्विन वहाँ  से चला  गयाl

 

 

पुलिस स्टेशन में यश  ने अनुज को कन्फर्म  किया कि  “किसी  ने मनोहर  को पीछे  से धक्का  मारा हैl”

 

“उसको  धक्का  मारने  के बाद, वह किलर  आराम  से आकर यात्रियों  के साथ बैठ  गया  होगा!!! “

 

“हाँ  सर यही लग रहा है, क्योंकि आखिरी स्टेशन  के आते  ही मनोहर को  धक्का  मारा गया और ट्रैक  पर सिर  लगने से उसने वही दम  तोड़  दिया और फिर किलर  बड़े  आराम  से गाड़ी रुकते ही स्टेशन पर उतर  गयाl”

 

“पर मनोहर  ट्रैन  के गेट  के पास करने क्या था?”

 

“सर वो वाशरूम  गया थाl उसके साथ बैठे  एक यात्री ने बताया  कि  चाय  पीते  ही उसकी  हालत  खराब  हो गई  थी इसीलिए वह वाशरूम  चला गयाl”

 

“इसका मतलब  चाय में  कुछ....... ?”

 

“जी सर रिपोर्ट  बता रहीं है कि उसकी चाय  में  पेट  खराब  करने वाली दवा  मिलायी  गई थीl”

 

“उसने चाय  किससे खरीदी?”

 

“सर एक चौदह  साल का लड़का  है जो ट्रैन  में  चाय  बेचता  है,”  अब अनुज के पूछने  से पहले  ही यश बोल पड़ा, “ सर उस लड़के  की तलाश  की जा रही है, बहुत  जल्द  वह हमारी  गिरफ्त  में  होगाl” अनुज  ने यह सुनकर  सिर  हिला  दियाl

 

अब अश्विन  के पुलिस स्टेशन में  लौटते  ही अनुज ने उसे भी मनोहर की मौत से जुड़ी यह जानकारी  दी तो वह बोला,  “बेचारा  अपने  गॉंव  रामपुर  से दिल्ली  मरने ही आ  रहा थाl” “हम्म!! पर वह आज नहीं आता तो कल आता, उसे ड्यूटी जो ज्वाइन करनी थी” अनुज की बात सुनकर अश्विन ने हाँ सिर हिला दियाl” अब कुछ देर तक  दोनों  इस केस पर बातचीत करते रहें  और फिर अनुज  ने टाइम देखा तो जाने के लिए खड़ा  हो गयाl  “यार !! मुझे कोमल  को डिस्टार्च  करवाकर  घर ले जाना  हैl “ “ओके! मैं बाद में  मिलता हूँl”  अश्विन  ने अनुज  की बात का ज़वाब  दियाl

 

 

शाम  के सात  बजे है,  अनुज  हॉस्पिटल  के रिसेप्शन पर  खड़ा  कुछ ज़रूरी  पेपर  पर साइन  कर रहा  हैl  कोमल  की माँ  सुनंदा  कोमल  के वार्ड में  उसका सामान  पैक  कर रही  है और कोमल  कपड़े बदलने बाथरूम  में  गई  हैl  तभी  कुछ  पेपर  साइन  करते वक्त अनुज  को शुभांगी  का ध्यान आया तो उसने रिसेप्शनिस्ट  से उसके बारे में  पूछा  तो उसने बताया कि “वह तो सुबह  ही  यहाँ से डिस्टार्च  लेकर  चली गईl “ अब अनुज ने  उसके  डॉक्टर के बारे में  पूछा  तो उसने डॉक्टर  नीलिमा  के केबिन की तरफ ईशारा  कर दिया और वह पेपर  रिसेप्शनिस्ट  को पकड़ाकर नीलिमा  के केबिन  की तरफ बढ़  गयाl  नीलिमा  ने उसका  मुस्कुराकर  स्वागत   किया तो  वह भी ज़वाब  में  मुस्कुराता  हुआ शुभांगी  के बारे  में  पूछने लगाl 

 

“वैसे  मिस्टर अनुज! आप शुभांगी  को लेकर  इतना  कंसर्न  क्यों दिखा रहें  है?”

 

“मैम! मैं  पुलिसवाला हूँ, अब आप समझ  सकती है कि  मैं क्यों कंसर्न दिखा  रहा होगाl “

 

“तो क्या शिवानी किसी  क्राइम  में  इन्वॉल्व  है?”  अब उसने नीलिमा को  अमन के मर्डर  की बात बताई  तो उसने हैरान  होते हुए कहा,  “ओह माय  गॉड !!! यह तो बहुत  बुरा  हुआ,  वैसे  उसने मुझे  यह बताया था कि  उसका बॉयफ्रेंड  उसे छोड़  गया है पर पूरी  कहानी  नहीं सुनाई  थीl  बताए, आप क्या पूछना चाहते  है?”

 

“शुभांगी कितने महीने की प्रेंग्नेट  थी?”

 

“ढाई  महीने की,  दरअसल  मैं तो इस तरह के एबॉर्शन  केस नहीं लेती  पर उसके हालात  ऐसे  थे....... !!!” नीलिमा  ने सफाई दीl  “जी, मैं समझ  सकता हूँ, “ अब अमन  डॉक्टर  के केबिन  से निकलकर  बोला, “बास्टर्ड!! जब माया से तेरा  अफेयर  चल ही रहा था तो इस लड़की में घुसने की क्या ज़रूरत  थी!!!” अब उसे  सुनंदा का कॉल  आया  तो वह  कोमल  के रूम  में  चला गयाl  अभी  वे  कोमल  और  उसकी माँ  को लेकर घर  पहुँचा ही था कि तभी उसे यश का फ़ोन आया,  “हाँ यश!!”  “सर शुभांगी  की फ्रेंड  मिस रीना के बारे में  कुछ पता चला है l  “हाँ बताओ,  सर मिस रीना  ने करीब  तीन  साल पहले  अपने  बॉयफ्रैंड  रितेश  पर जानलेवा  हमला किया था,  जिसमे में  वह  मरते-मरते  बचा  थाl”  अब इससे आगे   यश ने रीना के बारे में  जो बताया  उसे सुनकर  अनुज  के होश  उड़  गए और उसने रीना  को पुलिस  स्टेशन बुलाने  के लिए कहाl  “लगता है, सीरियल  किलर  की कहानी  यही खत्म!!!!!” अनुज  ने यह कहते हुए अश्विन को फ़ोन मिला दियाl