Ghost hunters - 13 in Hindi Horror Stories by Rishav raj books and stories PDF | Ghost hunters - 13

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Ghost hunters - 13



शाम धीरे-धीरे रात में बदल रही थी घर के बाहर अंधेरा गहराने लगा था और अंदर एक अजीब-सी खामोशी फैल गई थी इस बार कोई भी इसे सामान्य नहीं मान रहा था

आरव ने हॉल के बीच में खड़े होकर पूरे घर को देखा उसकी नजरें हर कोने को नाप रही थीं, जैसे वह किसी पैटर्न को समझने की कोशिश कर रहा हो।

आरव- सब लोग एक ही जगह रहेंगे 

कोई अकेला नहीं जाएगा रितिका ने तुरंत सिर हिलाया आर्यन पहली बार पूरी तरह चुप था मीरा आँगन के किनारे खड़ी थी उसकी आँखें बंद थीं, जैसे वह किसी हल्की-सी तरंग को महसूस कर रही हो

कबीर अपने बैग से कुछ छोटे devices निकाल रहा था

कबीर- basic setup लगा देता हूँ अगर ये active हुआ तो signal मिल जाएगा

उसने चारों कोनों में छोटे sensors लगा दिए  हल्की-सी नीली रोशनी blink करने लगी

रोहित अब तक चुप था। वह दीवार से टिककर खड़ा था, लेकिन उसकी नजरें बार-बार दरवाज़े की तरफ जा रही थीं।

आरव ने उसे notice किया

आरव- आप ठीक हैं?

रोहित- हाँ

आरव- कब से notice कर रहे हैं ये सब?

कुछ सेकंड की खामोशी रही

रोहित- तीन… चार दिन से

आरव- उससे पहले कुछ हुआ था?

रोहित ने तुरंत जवाब नहीं दिया उसने नजरें हटा लीं

मीरा ने धीरे से आँखें खोलीं

मीरा- कुछ है जो आप बता नहीं रहे

कमरे का माहौल और भारी हो गया रितिका ने रोहित की तरफ देखा

रितिका- अगर कुछ है तो बता दीजिए

अब सबकी नजर उसी पर थी, रोहित ने गहरी सांस ली

रोहित- उस दिन मैं ड्यूटी से लौट रहा था

कमरे में सन्नाटा छा गया

रोहित- रास्ते में उसी पुराने पेड़ के पास रुका था

कबीर ने हल्का सिर उठाया

कबीर- फिर?

रोहित- कुछ खास नहीं बस थोड़ी देर रुका और चला आया

आरव- और?

रोहित ने कुछ सेकंड चुप रहकर कहा

रोहित- मैंने वहाँ बेवजह रुककर गड़बड़ की

कबीर समझ गया

कबीर- disrespect किया

रोहित ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उसका चेहरा ही जवाब था
मीरा ने धीरे से कहा

मीरा- वो जगह खाली नहीं थी

खामोशी

आर्यन अब समझ नहीं पा रहा था, लेकिन डर उसके चेहरे पर साफ था

आर्यन- आप लोग क्या बोल रहे हो?

आरव ने सीधा जवाब दिया

आरव- कुछ जगहें सिर्फ जगह नहीं होतीं

रितिका के चेहरे का रंग उड़ चुका था

रितिका- मतलब ये सब उसी वजह से हो रहा है?

मीरा- बहुत संभव है

कबीर ने devices की तरफ देखा

कबीर- और ये जो भी है ये random नहीं है ये target कर रहा है

रोहित की मुट्ठी हल्की-सी भींच गई

रोहित- अगर मुझसे गलती हुई है तो उसे मुझसे ही deal करना चाहिए

आरव ने तुरंत सिर हिलाया

आरव- नहीं ये अब आप तक limited नहीं है

मीरा- ये घर के अंदर आ चुका है

उसी समय, एक sensor ने हल्की-सी आवाज की

बीप सबकी नजर उस पर गई नीली light अब तेज़ी से blink कर रही थी कबीर सीधा उसकी तरफ बढ़ा

कबीर- movement detect हुआ हैं 

आर्यन घबरा गया

आर्यन- कहाँ?

कबीर ने धीरे से कहा

कबीर- अंदर ही

कमरे में एकदम सन्नाटा छा गया मीरा ने धीरे से फुसफुसाया

मीरा- ये आ गया है

उसी समय, हॉल के दूसरे कोने से हल्की-सी आवाज आई

ठक…
ठक…
ठक…

वही नंगे पैरों की चाल इस बार सब सुन रहे थे रितिका ने घबराकर निशा का हाथ पकड़ लिया आरव ने बिना हिले कहा

आरव- कोई भागेगा नहीं

आवाज़ धीरे-धीरे पास आ रही थी

ठक…
ठक…
ठक…

फिर अचानक…

आवाज़ बंद हो गई कुछ सेकंड तक कुछ नहीं हुआ

फिर…

दीवार पर एक लंबी काली परछाई उभरने लगी धीरे-धीरे
जैसे कोई खड़ा हो रहा हो ,आर्यन की आवाज काँप गई

आर्यन- वो… क्या है?

कबीर ने धीरे से कहा

कबीर- ये खुद दिख रहा है

परछाई अब साफ हो चुकी थी ,एक इंसान जैसा आकार
लेकिन proportions थोड़े बिगड़े हुए और उसके पैर
उल्टी दिशा में मुड़े हुए मीरा ने धीमे स्वर में कहा

मीरा- ये attach है लेकिन पूरा control नहीं है

आरव ने आगे कदम बढ़ाया

आरव- सामने आओ कुछ सेकंड तक कुछ नहीं हुआ
फिर वह परछाई हल्की-सी हिली और एक आवाज आई

खुरदुरी टूटी हुई

“वापस… चल…”

कमरे की हवा ठंडी हो गई, कबीर ने धीरे से कहा

कबीर- ये इसे वापस बुला रहा है

आरव- किसे?

मीरा ने बिना नजर हटाए कहा

मीरा- इसे

उसने सीधे रोहित की तरफ इशारा किया ,रोहित स्थिर खड़ा था उसकी आँखें उस परछाई पर जमी थीं और पहली बार
उसके चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था....