कमरा पूरी तरह अंधेरे में डूब चुका था ना कोई आवाज ना कोई हलचल
सिर्फ एक चीज़ सुनाई दे रही थी—
किसी की साँसें जो तीनों में से किसी की भी नहीं थी
कबीर की आवाज सबसे पहले आई—
“अगर ये मजाक है तो मैं बता दूँ मुझे बिल्कुल मजाक पसंद नहीं है
कोई जवाब नही फिर अचानक उसकी जेब में रखा EMF मीटर खुद-ब-खुद ऑन हो गया
बीप… बीप… बीप..
और अगले ही पल एक ठंडी फुसफुसाहट उसके कान के बिल्कुल पास—
“तुम सच में सबसे कमजोर हो”
कबीर का गला सूख गया—
“आरव मीरा कोई है?”
अंधेरे में, मीरा जमीन पर बैठी थी उसकी आँखों से खून की पतली धार अब भी बह रही थी लेकिन उसकी साँसें धीरे-धीरे स्थिर हो रही थीं।
उसने आँखें बंद कीं और फिर अचानक—
“ये जगह ये घर नहीं है”
आरव— मतलब?
मीरा— हम अंदर फँस चुके हैं ये उसका बनाया हुआ स्पेस है
कबीर— ओके तो basically हम किसी भूत के WiFi में connected हैं?
मीरा ने तेज़ी से कहा— मजाक बंद कर! ये entity खुद का dimension बना सकती है
आरव ने जेब से एक छोटा-सा टॉर्च निकाला जैसे ही उसने ऑन किया रोशनी सिर्फ कुछ इंच तक ही गई फिर जैसे अंधेरा उसे निगल गया
आरव - ये नॉर्मल अंधेरा नहीं है
फिर उसने बैग से एक छोटा-सा metallic box निकाला—
Emergency Protocol
कबीर— ओह वो वाला जो तुमने कहा था ‘कभी यूज़ नहीं करना’?
आरव— हाँ क्योंकि अगर ये फेल हुआ तो हम सब खत्म
जैसे ही बॉक्स एक्टिव हुआ अचानक चारों तरफ अजीब-अजीब दृश्य बनने लगे
पुराने बहुत पुराने एक गाँव आग में जलता हुआ
लोग चिल्ला रहे थे और बीच में वही महिला लेकिन इस बार वो इंसान नहीं थी
उसकी आँखें काली और उसके आसपास परछाइयाँ
मीरा ने कांपते हुए कहा— ये.. ये उसका असली रूप है
कबीर— Great मतलब हमने VIP लेवल का भूत पकड़ लिया है
मीरा— ये भूत नहीं है
रुककर उसने धीरे से कहा— ये आत्मा नहीं एक शाप है
अचानक वो आवाज फिर गूँजी— मेरा नाम जानना चाहते हो?
आरव ने तुरंत चिल्लाया— कोई नाम मत लेना! इससे वो और मजबूत होगा
लेकिन देर हो चुकी थी
मीरा के मुँह से खुद-ब-खुद शब्द निकले— कालिका
कमरा एकदम से हिल गया दीवारें जैसे चीखने लगीं
कबीर— ओह ये नाम लेने का ही नहीं था क्या?
मीरा— मैंने नहीं कहा उसने मुझसे कहलवाया
अचानक अंधेरे से हाथ निकले लंबे काले जो कि इंसानी नहीं लग रहें थे उन्होंने कबीर को पकड़ लिया और हवा में उठा दिया
कबीर— आरव!! मैं उड़ नहीं सकता भाई!!
आरव ने तुरंत डिवाइस एक्टिव किया— Light Pulse!
एक तेज़ सफेद रोशनी पूरे कमरे में फैली और पहली बार वो चीज़ साफ दिखी वो महिला नहीं थी उसका शरीर टूटा हुआ कई जगह से मुड़ा हुआ और उसके पीछे दर्जनों परछाइयाँ जुड़ी हुई थीं जैसे वो अकेली नहीं, एक झुंड हो
मीरा चीखी— ये एक entity नहीं है ये कई आत्माओं का जुड़ा हुआ शाप है!
आरव— मतलब हम एक से नहीं… पूरे कलेक्शन से लड़ रहे हैं…”
कबीर (हवा में लटके हुए)— भाई next time single piece वाला केस लेना
अचानक उन परछाइयों में से एक अलग हुई और सीधे मीरा की तरफ आई मीरा की आँखें पूरी काली हो गईं
वो धीरे से बोली— ये… मुझे बुला रहा है
आरव— मीरा! खुद को कंट्रोल कर!
लेकिन मीरा के पैर खुद-ब-खुद उस entity की तरफ बढ़ने लगे
कबीर चिल्लाया— कुछ करो! वरना ये permanent member बन जाएगी!
आरव ने आखिरी option निकाला—
एक छोटा-सा ब्लेड जिस पर अजीब symbols बने थे
उसने खुद के हाथ पर कट लगाया खून टपका और उसने फर्श पर एक circle बनाना शुरू किया
“अगर ये काम नहीं किया तो हम सब यहीं खत्म”
entity जोर से हँसी— “तुम इंसान हमेशा सोचते हो कि तुम कंट्रोल में हो”
मीरा अब बिल्कुल उसके सामने खड़ी थी
और उसकी आवाज बदल चुकी थी— “अब ये मेरा है”
आरव चिल्लाया— मीरा!!!
और जैसे ही उसने circle पूरा किया अचानक सब कुछ रुक गया
क्या मीरा पूरी तरह possess हो जाएगी क्या आरव का forbidden ritual काम करेगा और कबीर क्या वो बच पाएगा?