Ghost hunters - 3 in Hindi Horror Stories by Rishav raj books and stories PDF | Ghost hunters - 3

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Ghost hunters - 3

        भाग-3



कमरा बिल्कुल स्थिर हो चुका था जैसे समय खुद रुक गया हो कबीर अब भी हवा में लटका हुआ था लेकिन उसका शरीर freeze हो गया था मीरा उस entity के सामने खड़ी थी आँखें पूरी तरह काली और आरव खून से बना हुआ circle पूरा कर चुका था



अचानक एक क्रैक की आवाज आई जैसे काँच टूटता है
और अगले ही पल सब कुछ फिर से चलने लगा

कबीर जोर से जमीन पर गिरता है 
“आह्ह!! भाई, अगली बार मुझे पहले बता देना मैं खुद ही कूद जाता”

लेकिन आरव का ध्यान कहीं और था वो मीरा को देख रहा था जो अब धीरे-धीरे उस entity के अंदर समा रही थी


आरव चिल्लाया— कबीर! Bag में से Phase Anchor निकाल!

कबीर उठते हुए— हाँ बस मेरी रीढ़ की हड्डी वापस जगह पर आ जाए पहले

फिर उसने जल्दी से device निकाला— ये लो!

आरव ने उसे पकड़कर ground में fix किया और Click

Device एक्टिव होते ही कमरे के बीच में एक faint blue light बनने लगी मीरा अचानक रुक गई

entity की आवाज गूँजी— तुम मुझे रोक नहीं सकतें 


आरव ने गहरी सांस ली— हम तुझे रोकने नहीं तोड़ने आए हैं

उसने एक छोटी-सी metal plate निकाली जिस पर पुराने symbols बने थे

कबीर ने frequency 7.3 पर सेट किया 

कबीर— Done लेकिन ये वही है ना जो पिछली बार explode हुआ था?

आरव— बस इस बार हमें भी साथ में ना उड़ा दे


मीरा का शरीर कांपने लगा उसकी आवाज दो हिस्सों में बंट गई एक उसकी अपनी और एक उस entity की
“आरव… भाग जाओ…”
“कोई कहीं नहीं जाएगा…”

मीरा की आँखों से आँसू और खून साथ बहने लगे।

“ये… मुझे खींच रहा है… मैं… मैं रुक नहीं पा रही…”

आरव ने दाँत भींचे— तू रुकेगी। मैं हूँ यहाँ।



कबीर ने machine ऑन की— Vrrrrrrrrrrrrr…

एक तेज़ vibration पूरे कमरे में फैल गया दीवारों पर cracks आने लगे

entity चीखी— ये आवाज बंद करो!!!

कबीर— ओह! इसे DJ नहीं पसंद!

लेकिन अगले ही पल एक काली परछाई तेजी से कबीर की तरफ आई और उसे दीवार से दे मारा

धड़ाम!

कबीर— आई लाला आआहह, ओके DJ joke वापस लेता हूँ


आरव ने मीरा की तरफ कदम बढ़ाए लेकिन जैसे ही वो circle के बाहर गया उसके पैर जैसे जमीन में धंस गए

entity हँसी— ये रेखा तुम्हें बचा रही थी अब तुम मेरे हो

आरव ने struggle किया लेकिन वो फँस चुका था

मीरा चिल्लाई— नहीं!! आरव वापस जाओ!!



कबीर ने खून खांसते हुए machine को फिर से adjust किया— आरव! अगर इसे peak पर ले जाएँ तो शायद ये टूट जाए

आरव— और हम?

कबीर— हम शायद नहीं बचेंगे

थोड़ी देर के लिए सन्नाटा

फिर आरव ने धीरे से कहा—कर दे



कबीर ने किसी सनकी पागल  की तरह हंसते हुए trembling हाथों से dial घुमाया— 7.3 → 8.5 → 10.0

Machine जोर से गूंजने लगी कमरा हिलने लगा

entity चीखने लगी— तुम समझते नहीं हो!! मैं खत्म नहीं हो सकती!!


मीरा जमीन पर गिर गई उसका शरीर झटके खाने लगा।

आरव चिल्लाया— मीरा! Focus! इसे बाहर निकालो!!

मीरा ने पूरी ताकत लगाई  "ये मेरे अंदर नहीं रहेगा!!”



अचानक एक तेज़ सफेद रोशनी पूरे कमरे में फैली
entity का शरीर टूटने लगा उसके पीछे जुड़ी हुई परछाइयाँ एक-एक करके अलग होने लगीं और जोर-जोर से चीखने लगीं

कबीर— ये काम कर रहा है!!!

लेकिन तभी Machine पर warning आई— “OVERLOAD” ⚠️



आरव ने देखा— अगर machine explode हुई तो पूरा घर और वो तीनों खत्म मीरा अब बेहोश थी
entity आधी टूट चुकी थी लेकिन अभी भी जिंदा थी

कबीर चिल्लाया— आरव!! अब क्या?!

आरव ने decision लिया उसने machine की तरफ दौड़ लगाई और जोर से चिल्लाया - अगर इसे बंद किया तो ये वापस आ जाएगी अगर नहीं किया तो हम मर जाएंगे 

कबीर— तो plan क्या है?!

आरव ने बिना पीछे देखे कहा— आज हम gamble खेलेंगे
और उसने machine को पूरी ताकत से तोड़ दिया.....


क्या explosion के बाद कोई बचा है? क्या “कालिका” सच में खत्म हुई या और खतरनाक बन गई? और सबसे बड़ा सवाल क्या मीरा अब भी मीरा है?