Itihaas ke Panno se - 17 in Hindi Anything by S Sinha books and stories PDF | इतिहास के पन्नों से - 17

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इतिहास के पन्नों से - 17

                                                 इतिहास के पन्नों से 17


  From the Pages of History 17

 

भाग 17  नेविगेशन कैनाल  


इस शृंखला में अब विश्व के सर्वाधिक व्यस्त नेविगेशन कैनाल ( Navigation  Canal ) के बारे में पढ़े  … 

 

बड़े बड़े भारी भरकम कार्गो और बहुत ज्यादा   मात्रा में कार्गो का आयात निर्यात समुद्री मार्ग से ही सम्भव है  . इसमें लम्बा समय भी लगता है  . शिप को एक देश या महादेश से दूसरे देश या महादेश  व्यापार में लगने वाले समय को कम करने के लिए कुछ  नेविगेशन कैनाल ( नौपरिवहन नहर )  का निर्माण किया गया है  . इनमें कुछ प्रमुख और व्यस्त कैनाल ये हैं - सुएज कैनाल , पनामा कैनाल , कील कैनाल और कोरिंथ कैनाल  . इस लेख में इन्हीं पर चर्चा की गयी है -


1 सुएज कैनाल या स्वेज नहर   ( Suez Canal ) -  स्वेज नहर एक मानव निर्मित करीब 193 Km लंबा  जलमार्ग है जो भूमध्य सागर और रेड सी को जोड़ता है  . . इसके चलते यूरोप से एशिया आने जाने वाले जहाज का समय बहुत कम हो गया है क्योंकि इसके पहले जहाज को अफ्रीका की परिक्रमा कर के एशिया आना पड़ता था  . इसलिए यह नहर एशिया और यूरोप के बीच व्यापार का एक मुख्य जलमार्ग है  . इसमें बहुत ज्यादा समय और ईंधन का खर्च बहुत कम हो गया है   . 


 सुएज कैनाल के निर्माण की योजना  फर्डिनेंड डी लेसेप्स , एक फ्रेंच राजनयिक , ने 1854 में बनाई थी . सुएज कैनाल कंपनी की स्थापना 1858 में हुई  थी . इस कम्पनी को  99 वर्षों के लिए नहर के निर्माण और संचालन का कार्य सौंपा गया था  . 


1859 में इसका निर्माण शुरू हुआ और लगभग 10 साल के बाद 17 नवंबर 1869 को  सुएज कैनाल को इंटरनेशनल यातायात के लिए खोला गया  हालांकि स्वेज  नहर मिश्र में स्थित है पर  1956 तक इसका स्वामित्व फ्रेंच और ब्रिटिश कंपनी के पास था  .


 जुलाई 1956 में तत्कालीन मिश्र के राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासेर ने इसका राष्ट्रीयकरण कर इस नहर को मिश्र सरकार के अधीन कर दिया था  . इसके चलते फ्रांस और ब्रिटेन बहुत क्रोधित हुए  . ब्रिटेन , फ्रांस और इजरायल ने मिलकर मिश्र पर आक्रमण कर दिया था  . यह युद्ध 10 दिनों तक चला था जिसके बाद अमेरिका और UNO के हस्तक्षेप के बाद युद्ध बंद हुआ  . इस युद्ध में मिस्र की जीत हुई थी  . अब इसका स्वामित्व SCA ( Suez Canal Authority ) , जो मिश्र सरकार की कम्पनी है , के पास है  . सुएज कैनाल से गुजरने के लिए  जहाजों को एक फीस देनी पड़ती है जो जहाज की साइज , टाइप और समय पर निर्भर करती है  . सुएज कैनाल  विश्व के  सबसे  ज्यादा व्यस्त व्यापारिक समुद्री मार्गों में एक है  . 


1967 में छह दिनों तक इजरायल और अरब युद्ध चला  था जिसमें इजराइल विजयी हुआ  . इस यद्ध के चलते जून 1967 से जून 1975 तक करीब आठ साल तक स्वेज नहर बंद थी   . इस दौरान इस नहर की सफाई कर डूबे हुए या टूटे हुए जहाजों और अन्य सैन्य अवशेषों / उपकरणों की सफाई हुई थी  . 


2. पनामा नहर ( Panama Canal ) - पनामा नहर अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला एक प्रसिद्ध व्यापारिक जलमार्ग है  . इसके निर्माण के पहले अमेरिका के पश्चिमी तट से पूर्वी तट आने के लिए जहाजों को अटलांटिक से दक्षिण अमेरिका के चारों ओर की चक्कर लगाने के बाद प्रशांत महासागर आना पड़ता था  .  इसमें बहुत ज्यादा समय और ईंधन का खर्च होता था क्योंकि इसमें  लगभग 15000 Km की अनावश्यक समुद्री यात्रा करनी पड़ती थी  .  इसके अतिरिक्त इस नहर से  प्रशांत महासागर से कैरिबियन सी , यूरोप , ऑस्ट्रेलिया और पूर्वी एशिया के देशों तक का जलमार्ग भी छोटा हो गया है  . 


इसके निर्माण का कार्य 1881 में फ्रांस ने शुरू किया था पर कुछ चुनौतियों के कारण 1890 में इसे बंद करना पड़ा  . फिर 1904 में USA ने इस परियोजना पर पुनः कार्य आरम्भ किया था  . 1917 में पनामा नहर का निर्माण पूरा हुआ  . 1977 तक  इसका स्वामित्व और संचालन अमेरिका के पास था  . उसी वर्ष एक संधि पर चर्चा शुरू हुई जिसके अंतर्गत पनामा नहर का स्वामित्व और संचालन का कार्य पनामा को सौंपना था हालांकि यह संधि 1999 में प्रभावी हुआ  . इसकी देखरेख पनामा नहर प्राधिकरण करता है  . इस नहर के समानांतर पनामा रेल और एक राजमार्ग भी है  . 


पनामा कैनाल 82 KM लम्बा एक कृत्रिम नहर है  . यह नहर  लॉक्ड ( ताले वाला )  कैनाल है  . इसके ताले ,  फ्रेश वाटर गैटून झील ( Gatun lake ) और  अलाजुएला झील ( Alajuela lake ) से पानी के गुरुत्वाकर्षण ( gravity )  प्रवाह से खुलते हैं  . दोनों छोर पर के  ताले नहर में जहाज के परिवहन के समय दोनों दिशाओं में खोल दिए जाते  हैं  . सूखे के समय पानी की कमी के चलते नहर में जहाज के परिवहन पर खतरा भी रहता है  . ऐसे में जहाज़ों की संख्या , साइज और गुजरने के समय पर प्रतिबंध लगाना पड़ता है  . 


अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति ने पनामा नहर को लेकर चिंता व्यक्त की है क्योंकि  इसके संचालन में चीन के शामिल होने का संदेह है   . पनामा ने इस बात से इंकार किया है हालांकि कहा जाता है कि नहर और उसके  आसपास विकास और इंफ़्रा स्ट्रक्चर में चीन ने बहुत निवेश कर रखा है या इसके लिए अपनी इच्छा जताई है  . 


3.कोरिंथ नहर ( Corinth canal ) -  कोरिंथ नहर  एक संकरी मानव निर्मित  नहर है जो 6. 4 Km लम्बी  और 24. 6 मीटर चौड़ी  है   . कोरिंथ नहर का निर्माण पहले हंगरी और इटली की कम्पनी ने आरंभ किया था  पर बाद में इसे ग्रीक कंपनी ने बनाया  . इसका निर्माण 1881 में शुरू हुआ था और 1893 में पूरा हुआ  . 


कोरिंथ नहर ग्रीस में कोरिंथ इस्थमस ( Isthmus - भूडमरूमध्य ) को काटते हुए पेलोपोनिस प्रायद्वीप को ग्रीस की मुख्य भूमि से अलग करती है  . यह नहर कोरिंथ की खाड़ी को सरोनिक की खाड़ी से एजियन सी ( Aegean sea ) से जोड़ती है  . इसके चलते जहाजों का जलमार्ग लगभग 700 Km छोटा हो जाता है  . इसके संकरी होने के चलते यह आजकल के बड़े व्यापारिक जहाजों के लिए उपयुक्त नहीं है और मुख्यतः छोटे और टूरिस्ट क्रूज शिप के लिए अच्छा है  . इस नहर के ऊपर एक राजमार्ग है जो ग्रीस मुख्य भूमि ( mainland ) को पेलोपोनिस से जोड़ता  है  . 


4.कील नहर ( Kiel canal ) - यह 98 Km लंबी मानव निर्मित नहर नार्थ सी  को बाल्टिक सी से जोड़ती है  जो जर्मनी के श्लेसविग - होल्स्टीन राज्य से गुजरती है . इन दोनों सागरों के बीच यह सबसे सुरक्षित , सुविधाजनक और सबसे छोटा जलमार्ग है  .  यह नहर उत्तरी यूरोप के देशों के बीच एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है  . 


इसका निर्माण 1887 में शुरू हुआ था और 1895 में यह बन कर पूरा हुआ  . इसके बनने से जहाजों को जटलैंड प्रायद्वीप ( Jutland Peninsula ) का चक्कर नहीं लगाना  पड़ता है  .   इस नहर की चौड़ाई और गहराई  दो बार बधाई गयी है ताकि आधुनिक जहाज आसानी से गुजर सकें  . कील नहर विश्व में सबसे ज्यादा व्यस्त कृत्रिम व्यापारिक जलमार्ग है  . 

 

क्रमशः