Last Murder - 5 in Hindi Crime Stories by Jaidev chawariya books and stories PDF | लास्ट मर्डर - भाग 5

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लास्ट मर्डर - भाग 5

ऑफिस का सारा काम कर्ण मिश्रा जो की ऑफिस का मैनेजर था। वह देख रहा था, इस समय वह किसी गहरी सोच मे डूबा जान पड़ रहा था कर्ण एक ईमानदार व्यक्ति था । कर्ण का सपना था की उसकी खुद की एक कंपनी हो, पर कर्ण के घर के हालात ऐसे हो गए की उससे बीच में ही अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी । एक बार राहुल खन्ना ड्रिंक करके कार चला रहा था, की राहुल ने अचानक ही कार को फूटपाथ पर चढ़ा दिया । उसी समय फूटपाथ पर कर्ण था जो कार की चपेट में आ गया, फिर राहुल ने कर्ण को तुरंत अस्पताल ले गया और उसका ईलाज करवाया । सोचने वाली बात यह है की कर्ण ने पुलिस को यह बताया कि राहुल खन्ना की कोई गलती नही थी । बल्कि उसने कार को नही देखा और कार से टकरा गया, पुलिस ने राहुल खन्ना पर कोई कारवाई नही की और उसके बाद राहुल ने कर्ण का थैंक्स कहा और फिर राहुल ने कर्ण को अपने ऑफिस में जॉब दे दी । कर्ण धीरे धीरे ऑफिस के सारे स्टाफ को हैंडल करने लगा , राहुल खन्ना कर्ण के काम से बहुत खुश था । इसलिए राहुल ने कर्ण को मैनेजर बना दिया।  एकदम से  दरवाजे पे दस्तक हुई,  तो कर्ण की निद्रा टूटी। 

सामने इंस्पेक्टर श्रीकांत व रामसिंह खड़ा थे । 

श्रीकांत धूर्त मुस्कान के साथ बोला बहुत बिजी शेड्यूल लग रहा है तुम्हारा ?

कर्ण खड़े होते हुए अरे इंस्पेक्टर साहब आइए बैठिए, अरे सर जान कर अंजान ना बने । आप ही ने तो हमारे बॉस राहुल सर को अमित सर के खून के इल्जाम में गिरफ्तार किया है। 

" तो कर्ण आप जानते हैं "। कि राहुल खन्ना और अमित बजाज के बीच में कोई झगड़ा चल रहा था ?

"हां !" सर लगभग एक-दो दिन से दोनों के बीच में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी । पता नहीं सर किस बात को लेकर चल रही थी ।"

"अच्छा यह बताओ तुम्हारे बॉस की वाइफ यानी की राधा कैसी है ?"

"सर!" में राहुल सर के घर कम ही गया हूं, पर राधा जी लगती तो सीधी साधी है ।

"साजन कैसा है ?" उसका अपने भाई के बिजनेस में कोई दिलचस्पी हैं ?"

"साजन मेरे हिसाब से तो कभी ऑफिस नही आया, राहुल सर तो बहुत बोलते हैं की साजन अब ऑफिस में आना शुरू कर देना चाहिए । आखिरकार साजन अब बड़ा जो हो गया है, साजन ऑफिस के मामले कोई दिलचस्पी नहीं रखता ?"

" ठीक है !"  में बाकी के स्टाफ के लोगो से कुछ बाते करना चाहता हूं।"

"जी सर !" जैसा आप चाहें।

इसके बाद श्रीकांत एक-एक करके सारे स्टाफ से बात करता रहा है पर कोई फायदा नहीं श्रीकांत को वहां से निराशा ही हाथ लगी।  
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श्रीकांत जीप में बैठता हुआ बोला, "राम सिंह यार ऑफिस में जाकर तो कोई फायदा नहीं हुआ , अब क्या करे ?"

"सर!" मुझे लगता हैं की हम दोनों को राहुल खन्ना व अमित बजाज के घर जाना चाहिए।"

"तुम ठीक कह रहे हो।" हम पहले अमित बजाज के घर चलते हैं ।"

जीप अमित बजाज के घर की तरफ बढ़ गई , करीब आधे घंटे बाद जीप अमित बजाज के घर के सामने खड़ी थी । 

सोनिया बजाज जिसकी आंखें इस वक्त काफी नम थी जिससे देखकर ऐसा लगता है मानो बेचारी सारी रात रोई हो । 

सोनिया बजाज गजब की खूबसूरत औरत हैं, इस समय लॉन में बैठी हुई थी समय कोई ग्यारह के आस पास का था । 

श्रीकांत व राम सिंह लॉन में दाखिल हुए और श्रीकांत बोला, 
"सोनिया जी माफी चाहता हूं।" आपको परेशान करने के लिए पर क्या करूं ? जब तक सबूत नहीं मिलेगे, जब तक राहुल खन्ना सजा नहीं मिल सकती । 

सोनिया का चेहरा किसी बुझी हुई शमशान की रख की तरह दिख रहा था । उसके मुंह से बड़ी मुश्किल से निकला पूछो क्या पूछना चाहते है ? आप इंस्पेक्टर साहब ।

"आप !" अपने पति के बारे में कुछ ऐसी बात जानती, जो इस केस में हमारी कुछ मदद कर सके।
सोनिया जी, सिर्फ आपके कह देने ने से राहुल खन्ना को सजा नहीं हो जाएगी । आपके पति की कभी किसी और से लड़ाई हुई या फिर किसी ओर से झगड़ा हुआ हो ?"

"मेरे पति की किसी से कभी कोई लड़ाई नहीं हुई ? कातिल आपके थाने में बंद है और आप बाहर कातिल की तलाश में बेकार में भटक रहे हैं।"

"आप ठीक कहे रही हैं।" पर कानून सबूत मांगता हैं, आपको कैसे यकीन है कि खून राहुल खन्ना ने ही किया ?"


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