Kurbaan Hua - Chapter 13 in Hindi Love Stories by Sunita books and stories PDF | Kurbaan Hua - Chapter 13

The Author
Featured Books
  • శ్రీరామనవమి

    శ్రీరామనవమి' హిందువులకు ఒక ముఖ్యమైన పండుగ. శ్రీరాముడు వస...

  • సత్తిబాబు

    సత్తిబాబు " పొద్దుటి నుంచి మన ఇంట్లో కరెంట్ లేదండి. ఇవాళ అసల...

  • సింగిల్ పేరెంట్

    సింగిల్ పేరెంట్." లేదమ్మా సుధని నువ్వు తప్పుగా అర్థం చేసుకున...

  • ఆఖరి ఉత్తరం

    ఆఖరి ఉత్తరంఇల్లంతా నిశ్శబ్దం అయిపోయింది. పది రోజుల నుండి బంధ...

  • అమ్మమ్మ గారి ఇల్లు

    అమ్మమ్మ గారి ఇల్లు" రేపటి నుంచి నా నా కాలేజీకి సెలవులు అoటు...

Categories
Share

Kurbaan Hua - Chapter 13

रहस्यमयी गुमशुदगी

रात का समय था। चारों ओर चमकती रंगीन रोशनी और तेज़ संगीत की गूंज में डिस्को थिरक रहा था। शहर के इस नामी क्लब में हर रात पार्टी का माहौल रहता था, लेकिन उस रात कुछ अलग ही हुआ था। संजना अचानक गायब हो गई थी।

विशाल इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह तैयार था। वह जानता था कि गायब होने से पहले की घटनाओं को समझना ज़रूरी है। इसलिए उसने संजना की तीनों सहेलियों—अवनी, लवली और मिताली से बातचीत शुरू की। अवनी ने बताया, "हम चारों बहुत मज़े कर रहे थे। डांस कर रहे थे, फिर अचानक एक लड़का संजना के लिए कोल्ड ड्रिंक लेक आया संजना ने वो एक झटके में पी लिया उसके बाद अचानक ही वहां पुलिस कि रेड पड़वा गई |

विशाल ने ध्यान से सुना और फिर गंभीर आवाज़ में कहा, "तो डिस्को से ही संजना गायब हुई है?"

अवनी ने सिर हिलाकर हामी भरी। विशाल को शक हुआ कि कोई साजिश थी। उसने डिस्को जाकर मामले की गहराई से पड़ताल करने का फैसला किया।

डिस्को में छानबीन

विशाल जब डिस्को पहुंचा, तो वहां अभी भी पार्टी का माहौल था, लेकिन उसे इस चमक-धमक में सिर्फ सुराग ढूंढने थे। वह सीधे मैनेजर के पास पहुंचा और बिना भूमिका बनाए सवाल किया, "यहां कल पुलिस की रेड कैसे पड़ी?"

मैनेजर ने कंधे उचका दिए और बोला, "हमें खुद समझ नहीं आया। पहली बार ऐसा हुआ है। पुलिस आई, सबको चेक किया, लेकिन किसी को गिरफ्तार नहीं किया।"

विशाल के दिमाग में कई सवाल उमड़ने लगे। वह गंभीर स्वर में बोला, "कहीं ये सब किसी की चाल तो नहीं थी? हो सकता है कि किसी ने जानबूझकर पुलिस बुलवाई हो, ताकि इस हंगामे में संजना को आसानी से किडनैप किया जा सके।"

मैनेजर की आंखें चौड़ी हो गईं, मानो यह बात उसने पहले कभी सोची ही न हो। विशाल ने आगे कहा, "यहां सीसीटीवी कैमरे तो लगे होंगे? मुझे कल की फुटेज देखनी है।"

मैनेजर पहले हिचकिचाया, लेकिन फिर उसने अपने फोन पर रिकॉर्डिंग निकाली और फुटेज दिखाने लगा।

सीसीटीवी फुटेज का रहस्य

विशाल ने ध्यान से स्क्रीन पर नज़रें गड़ा दीं। फुटेज में क्लब का नज़ारा साफ दिख रहा था—लोग नाच रहे थे, म्यूजिक तेज़ था, और अचानक पुलिस क्लब में दाखिल हुई। तभी कैमरे की एक फुटेज में संजना दिखाई दी। जिसे एक नकाब वाला आदमी अपने साथ ले जा रहा था |

विशाल ने स्क्रीन पर उंगली रखते हुए कहा, "यही है! यही आदमी संजना को लेकर गया!"

उस शख्स ने अपना चेहरा ढका हुआ था,और तभी उस आदमी ने उसका हाथ पकड़ा और जल्दी से एक ओर ले गया।

विशाल ने मैनेजर से पूछा, "क्या यह आदमी क्लब का कोई कर्मचारी है?"

मैनेजर ने सिर हिलाया, "नहीं, मैंने इसे पहले कभी नहीं देखा।"

विशाल का शक अब यकीन में बदल चुका था। यह एक सोची-समझी साजिश थी। वह फुटेज को बार-बार देख रहा था, ताकि कोई और सुराग मिले। तभी उसने गौर किया कि उस शख्स ने क्लब के पिछले गेट से बाहर निकलने का रास्ता लिया था।

अगला कदम

विशाल अब इस रहस्य के और करीब पहुंच चुका था। वह जानता था कि अगला कदम उस शख्स का पता लगाना था। उसने मैनेजर से कहा, "मुझे इस डिस्को के पिछले गेट के बाहर लगे कैमरों की फुटेज भी चाहिए।"

मैनेजर ने सहमति में सिर हिलाया और फुटेज निकालने लगा। विशाल जानता था कि अब वह इस गुत्थी को जल्द ही सुलझा लेगा। कौन था वह रहस्यमयी आदमी? क्यों उसने संजना को उठाया? और क्या यह किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था? इन सभी सवालों के जवाब उसे जल्द ही मिल सकते थे...विशाल पुरी तरह से केस में लग चुका  था, उसे देख ऐसा लग रहा था कि वो इस केस को मिनटों में सूल्झा लेगा |