तुम्हें अब गले लगाना कैसा होगा?
अमृत और ज़हर का जैसे मिलना होगा।
तुम्हारे कंधे पर सिर रखना अब कैसा होगा?
एक गुलाब का जैसे आख़िरी बार खिलना होगा।
तुम्हारे साथ दो पल बिताना अब कैसा होगा?
जैसे चाँद और सूरज का साथ बैठना होगा।
तुम्हारा मुझसे दूर जाना अब कैसा होगा?
जैसे पानी का समुंदर से रूठना होगा।