किसी के न होने का एहसास सबको होता है,
मगर जो आज हमारे पास है, उसकी कदर शायद ही कोई करता है।
लोग अक्सर उन चीज़ों के पीछे भागते रहते हैं, जो उनसे दूर हो चुकी होती हैं…
और जो बिना किसी शिकायत के उनके साथ खड़ा रहता है, उसकी मौजूदगी उन्हें तब तक महसूस नहीं होती, जब तक वो भी खामोशी से दूर न हो जाए।
शायद इंसान की फितरत ही ऐसी है…
जो नहीं है, उसकी कमी सबको खलती है,
और जो है… उसकी कीमत किसी को नहीं समझ आती।🙂↕️😕