*शांति कहाँ है?*
हम शांति को पहाड़ों में ढूंढते हैं, मंदिरों में ढूंढते हैं, दूसरों में ढूंढते हैं।
जबकि शांति कोई जगह नहीं है,
शांति एक फैसला है।
ये फैसला कि जो मेरे बस में नहीं है, उसके लिए मैं अपना आज खराब नहीं करूँगा।
पहाड़ शांत नहीं होते,
तुम शांत होते हो, जब पहाड़ों पर जाते हो।
क्योंकि शांति कहीं और नहीं,
शांति तुम खुद हो।
-सुप्रभात