Hindi Quote in Poem by shekhar kharadi Idriya

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

आऊंगी..., सजल विधा

प्रातःकाल कोयल की कुकू सूनकर ,
तुम्हें पुराने कूप पर मिलने आऊंगी |

जंगली पुष्पों को श्वासों में भरकर ,
तुम्हें शूल, कंकर पर ढूढंने आऊंगी |

बहते झरनों का मीठा जल पी कर ,
तुम्हें नदी संग स्पर्श करने आऊंगी |

ठोस गड़रिए मन में नर्म स्नेह लेकर ,
तुम्हें दुपहरी धूप में छांव देने आऊंगी |

हरे मैदानों में भेड़-बकरियां चरा कर ,
तुम्हें आभ तले चाय पिलाने आऊंगी |

गरमा-गरम बाजरे की रोटी बनाकर ,
तुम्हें घी, गुड़ के साथ खिलाने आऊंगी |

देहाती डगर, बाट पर निरंतर चलकर ,
तुम्हें पहाड़ी गीत सुनाने शीघ्र आऊंगी |

हां.., एक दिन हृदय प्रेयसी बनकर ,
तुम पर पूर्ण न्यौछावर करने आऊंगी ||

-© शेखर खराड़ी

तिथि-१०/७/२०२६

Hindi Poem by shekhar kharadi Idriya : 112029914
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now