आज दिल थोड़ा थका हुआ सा लगा,
लेकिन फिर भी मैंने पूरा दिन मुस्कुराकर बिताने की कोशिश की।
कभी-कभी मन बहुत कुछ कहना चाहता है,
पर शब्द बस खामोश रह जाते हैं।
आज बस इतना चाहती हूँ कि
रात मेरे मन को थोड़ा सुकून दे,
मेरे विचार शांत हो जाएँ
और कल की सुबह थोड़ी हल्की और खूबसूरत लगे।
मुझे खुद पर गर्व है कि
इतना सब महसूस करने के बाद भी
मैं अब तक संभली हुई हूँ