गंगा की हवा, वो गलियाँ काशी की,
यादों में अब भी महकती रहेंगी।
छोड़ तो रहा हूँ आज तेरी चौखट,
पर मेरी पहचान यहीं से रहेगी।
मेरे हर ख़्वाब में एक नाम रहेगा—
Banaras Hindu University,
तू सिर्फ़ विश्वविद्यालय नहीं,
मेरी ज़िंदगी का एक ख़ूबसूरत मुकाम रहेगा।