व्योमकेश… व्योमकेश…
डमरू बोले नाम तेरा व्योमकेश…
व्योमकेश… व्योमकेश…
चंद्र-गंगा संग बसता व्योमकेश…
जटाओं में समाया आकाश, तारों का संग,
चंद्रमा झलके, नक्षत्रों का रंग।
गंगा बहती केशों से, शांति की धारा,
महाकाल का रूप, अनंत का किनारा।
व्योमकेश… व्योमकेश…
डमरू बोले नाम तेरा व्योमकेश…
व्योमकेश… व्योमकेश…
चंद्र-गंगा संग बसता व्योमकेश…
त्रिशूल थामे, तीसरी आंख चमके,
भूत-प्रेत भी झुकें, जब शक्ति दमके।
मौन में बसते, अनादि का स्वामी,
भक्तों के संग, माया का ज्ञानी।
जय बम बम बोले… जय व्योमकेश!
हर-हर महादेव…
व्योमकेश… व्योमकेश! 🔱
DHAMAK