में शक्ति हूं, में साहस हूं,
में ममता की मूरत हूं।
में घर की नींव हूं,
में जीवन का सार हूं।
में बेटी हूं, में बहन हूं,
में पत्नी हूं, में माँ हूं।
हर रूप में देवी हूं,
हर रिश्ते में जान हूं।
में कोमल हू, में कठोर हू,
में धैर्य की परिभाषा हूं।
में त्याग की मूरत हूं,
में प्रेम का सागर हूं।
में शिक्षित हूं, में सक्षम हूं,
में आत्मनिर्भर हूं।
में समाज की निर्माता हूं,
में देश की शान हूं।
में औरत हूं, में नारी हूं,
में सृष्टि का आधार हूं।
में सम्मान की हकदार हु,
में गर्व का प्रतीक हु।
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹