*बीत गई होली..देकर*
*अपने निशां..*
*रंगे चेहरे...रंगी दीवारें..*
*रंगे फर्श... कर रहे हैं बयां...*
*रंगी बाल्टियां.....*
*और रंगीन गलियां....*
लेकर वादा....
मैं आऊंगी अगले बरस....
तब तलक....
ये उत्साह...ये उमंग.....
ये प्यार... और ये दोस्ताना....
ये प्रीत के रंग.....
दिलों में अपने कायम रखना....
सभी सम्मानित साथियों द्वारा भेजी गयीं मधुरमयी शुभकामनाएं ह्रदय से स्वीकार एवं सपरिवार आभार।
--जय भूतनाथ