"86 अरब न्यूरॉन लिए बैठे हैं,
हम दिमाग में ब्रह्मांड लिए बैठे हैं।
20 वॉट में पूरी दुनिया सोचते हैं,
फिर भी खुद को नादान किए बैठे हैं।
डोपामीन के पीछे भागते हैं सब,
हम तो सुकून को अनजान किए बैठे हैं।
यादें तो बस केमिकल हैं,
फिर भी यादों को भगवान किए बैठे हैं।
फ़क़त इतना सुन लो, हम अभी बाक़ी हैं।".....
सुप्रभात
-Dharmendra Kumar