✍️आईना..
याद तो आता होगा तुम्हे वो अफसाना,
जब जब देखते होगे तुम आईना।
हम तो रोज ही याद करते है वो अफसाना,
तन्हाई में बुनते रहते है ताना बाना।
सोचत तोे होगे तुम भी ए बात,
कभी था मैं भी आपका दीवाना।
मन में भी आता होगा मेरा ख्याल,
गुनगुनाते होगे जब भी मोहब्बत का गाना।
चलता रहेगा यूं ही तुम्हें याद करने का सिलसिला,
क्यूंकि मैं रोज ही देखता हूं आईना।
✍️दलीप कुमार