अपनी मर्ज़ी
तुमने जो सोचा
सोचा हमने
तुमने जो कहा
किया हमने
तुमने जो समझाया
वही समझा हमने
तुमने जो लिखा
मान लिया हमने
तुमने जो सुनाया
सुन लिया हमने
अब बस
सोचेंगे
करेंगे
समझेंगे
लिखेंगे
सुनेंगे
मर्ज़ी से हम
हमारे पास
सिर्फ़ देह नहीं
दिमाग भी है एक
तुम्हारी तरह।
#poetry