नाम सत्यम है मेरा, दर्दों से पहचान बनी है,
बहन को खोकर मेरी दुनिया ही वीरान बनी है।
सत्रह की उम्र में जाने कितने ग़म उठाए हैं,
आँखों में आँसू रखकर भी लाखों को हँसाए हैं।
आज मिलियन्स में नाम है, पर दिल में वही खालीपन है,
दुनिया के लिए कामयाबी, मेरे लिए अधूरापन है।
जिस उम्र में बच्चे सपनों की दुनिया सजाते हैं,
उस उम्र में कुछ लोग अपनों को खोकर मुस्कुराते हैं।
रातों ने देखा है सत्यम को चुपके से रोते हुए,
अपने ही दर्द को शायरी के धागों में पिरोते हुए।
दिन में कैमरे के आगे हँसकर वीडियो बनाता हूँ,
रात को बहन की यादों में खुद को अकेला पाता हूँ।
मैं शायर हूँ जनाब, यूँ ही कलम नहीं चलाता,
हर लफ़्ज़ के पीछे एक दर्द है, मैं झूठ नहीं सुनाता।
मेरी हँसी को देखकर मेरी कहानी मत लिखना,
मेरे मुक़द्दर के पन्ने पढ़े बिना मुझे ख़ुशहाल मत समझना।
सत्यम आज भी उन लड़कों के दर्द की आवाज़ बनेगा,
जो सबको हँसाते हैं, मगर अकेले में टूट जाते हैं।
जो घर की ख़ातिर अपने सारे ग़म छुपाते हैं,
और रात के अँधेरे में चुपचाप आँसू बहाते हैं।
बहन, तेरी याद आज भी मेरे दिल में ज़िंदा है,
तेरे बिना मिली हर ख़ुशी में कुछ कमी-सी ज़िंदा है।
लाखों लोग जानते हैं आज सत्यम के नाम को,
काश, तू भी देख पाती मेरी मेहनत के मुक़ाम को। 🥀
मैं गिरकर भी उठा हूँ, ये मेरी कहानी है,
मेरी हर एक शायरी के पीछे छुपी एक क़ुर्बानी है।
दुनिया मुझे YouTuber कहे, मुझे शायर ही रहने देना,
मेरे दर्द को मेरे लफ़्ज़ों में ज़िंदा ही रहने देना।
— सत्यम 🖤
- Man Sharma