पुराने किरदार किधर गए,
वो पुराने यार किधर गए?
शहर तो बदला नहीं हमने,
सारे वफादार किधर गए?
भीड़ ही छूट गई पीछे,
मुझे पागल कहने वाले
समझदार किधर गए?
जिनको लगता था वो अमर हैं,
उस तन के किराएदार किधर गए?
जो कहते थे हम साथ रहेंगे सदा,
वो सारे तरफदार किधर गए?
जिनसे करते थे घंटों बातें,
वो मेरे राजदार किधर गए?
जिनकी पारखी आँख थी मुझ पर,
वो मेरे पहरेदार किधर गए?
सारी ज़िंदगी जिन पर लुटा दी मैंने,
वो मेरे सारे कर्जदार किधर गए?