मेरी बहन
वो लडती है झगडती भी है
वो एक लडकी है
मै उससे छोटा
वो मुझसे थोडी बडी भी है
वो और कोई नही
मेरी बहन है मेरी बहन है
करता हूॅ परेशान तो मै
वो दो थप्पड लगा भी देती है
रोता मै जब
फिर वो मुझे मना भी लेती है
वो और कोई नही
मेरी बहन है मेरी बहन है
खेलते है खाते है साथ भी स्कूल जाते है
मुझे ना लगे बोझ मेरा बैग ले लेती है
आता नही मुझे कुछ
तो बडे प्यार से समझाती है
वो और कोई नही
मेरी बहन है मेरी बहन है
करती है प्यार बहुत
तभी तो बहन दूसरी माॅ कलाती है
भाग्य से नही मिलती ये
सौभाग्य से मिलती है बडी बहनै
कैसै अदा करु मै अपना फर्ज
कैसे चुकाऊ मै तेरा कर्ज
तेरा कर्ज मुझ पर बाकी रहेगा जिन्दगी भर
चुका नही पाऊगा इसे उमर भर
:- लोधी अखीरा