गुरूर है अपनी परवरिश पर…
कभी खुद को बड़ा दिखाने के लिए किसी को छोटा नहीं किया।
क्योंकि असली पहचान ऊँचा दिखने में नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों में होती है। ❤️
ज़िंदगी में ऊँचा उठना अच्छी बात है, लेकिन किसी को गिराकर नहीं।
हमारी पहचान हमारे शब्दों, व्यवहार और संस्कारों से होती है।
दूसरों को नीचा दिखाकर मिली तारीफ़ से बेहतर है, अपने कर्मों से सम्मान कमाना।..