सबके सपनों को पूरा करने में वो दिन-रात एक कर जाता है,
अपनी हर ख्वाहिश को दिल के किसी कोने में छुपा जाता है।
चाहके भी कभी अपने आँसू किसी को दिखाता नहीं,
दर्द चाहे कितना भी हो, वो चेहरे से जताता नहीं।
बिना बोले ही सबकी ज़रूरतों का ख्याल रखता है,
छोटी-छोटी खुशियों में ही अपना सुकून ढूँढ लेता है।
कंधों पर ज़िम्मेदारियों का बोझ लेकर भी मुस्कुराता है,
वो एक मर्द है।
हर मुश्किल राह में सबका सहारा बन जाता है,
अपनों के भविष्य के लिए वो अपना आज भूल जाता है।
सच्ची मेहनत और ज़िम्मेदारी की वो अनोखी मूरत है,
सबके चेहरे पर मुस्कान लाने वाला, वो एक मर्द है।