मेरी सोच मेरी जिंदगी
आज सुबह मै निंद से जाग गया
एक विचार आया ..
ना मुझे कीसी की जल्दी है
ना मुझे बॅास का डर है
ना मुझे नौकरी खोनेका डर है
ना मुझे पैसे की कमी है
ना मुझे कोई बिमारी है
ना घर मे कोई टेन्शन है
ना बीबी बच्चोके प्यार की कमी है
ना यार दोस्तोंकी कमी है
फीर भी मै उदास हू …
क्योकी कल कैसा बितेगा ईसकी चिंता खा रही है
जैसे की मै ….
बुरे दीन के इंतजार मे हू्ं …
बिमारीके इंतजार मे हूं
बूढापेके इंतजार मे हूं
अकेलेपनके इंतजार मे हूं
और जब वो बूरे दीन आएंगे तब मै बिते हूए अच्छे दिनोंको याद करके हसनेकी कोशिश करूंगा