hi ...
हर रोज की तरह आज भी मै कॉलेज गया। आज वो नहीं दिखी। नहीं रस्ते में ,नहीं बायोमेट्रिक के पास ,नहीं लाइब्रेरी में। मै खुद के अंदर दो इंसानों को महसूस कर रहा हु। एक वो जो उसे बार बार याद नहीं करना चाहता। कालेज लाइफ को बैलेन्स कर के चलना चाहता है । एक वो जो उसे टुट कर बर्बाद होकर बस एक बार उसे चाहना चाहता है हर वक़्त याद करने की बहाने ढूंढना चाहता है । लेकिन आज वो दिखी नहीं । एक बार उसका दिख जाना पूरे दिन को खुश बना देता है। इसकी कम बंधे बाल से झगड़ते प्यारी सी क्यूट फेस मेरी सारी दिन happiness से भर देती है। अक्सर वो लाइब्रेरी में दिख जाती थी। लेकिन कुछ दिनों से लाइब्रेरी कम आने लगी है।
"" इससे इश्क़ इतना जायदा है कि मै इससे आखे मिलाने से भी डरता हु । वैसा नहीं है कि मै उसे अकेले पसंद करता हु। मेरे जैसे मुझसे बेहतर बहुत इसपर मरते है । मै अपना हक नहीं जताता उस पर । मुझ से भी बेहतर मिलेगा उसको इस बात का कोई शक नहीं । मेरा नाम लेले वो इक बार तो मैं अवाद हो जाऊंगा। अगर मिली नजरें एक बार हम बर्बाद हो जायेंगे। खूबसूरत इतनी है वो कि सारे उसे हूर मानती हैं ।मै भी हु इस ही दुनिया में क्या वो जानती है।""