ज़माने की नज़रों में वो चुपचाप सा बैठा रहता है,
पर कोरे काग़ज़ पर अपने दिल का हर हाल लिखता है।
उसकी कलम से बहती हैं ढेरों अनकही कहानियाँ,
अपनी स्याही से वो दूसरों के जज़्बात लिखता है।
हाँ... वो एक लेखक है जो ख़ामोश रहकर भी,
शब्दों में पूरी दुनिया का अहसास लिखता है।