'The End' के बाद की कहानी___
मुझे फ़िल्में देखना बहुत पसंद है,
बहुत शौक़ है मुझे फ़िल्में देखने का।
शौक़ इतना... कि एक बार देखना शुरू करूँ,
तो ख़त्म किए बिना उठने का जी नहीं चाहता!
दिन में हज़ारों कहानियाँ सुन सकूँ,
बस यही एक ख़्वाहिश है...
जो इतनी ख़्वाहिशों के बीच भी, एक सुकून दे जाती है।
लेकिन... एक कहानी ख़त्म होते ही,
यह दिल सा टूट जाता है!
इसके आगे क्या होगा?
बस यही सोच-सोच के,
दिमाग हिल जाता है।
'Happy Ending' पे सब ख़त्म हो जाता है,
पर... उसके आगे क्या?
यह सवाल बार-बार आता है!
हीरो जीत जाता है,
हीरोइन से मिल जाता है,
विलेन मर जाता है...
फिर आगे क्या?
क्या आगे सब ख़त्म हो जाता है?
वो कैसे रहते होंगे फिर आगे?
अपने जीवन को कैसे जीते होंगे?
विलेन के मरने के बाद...
क्या कोई बदला लेने नहीं आता होगा?
उसके घर पे कैसा नज़ारा चलता होगा?
हीरो-हीरोइन अब कैसे जिएँगे?
ऐसे ही हज़ारों सवालों के आगे,
दिमाग घूम जाता है!
फिर...
एक कहानी के सवाल मिटाने को, हम दूसरी कहानी देख लेते हैं,
और फिर...
उस कहानी के सवाल वापस घेर लेते हैं!
पर सवालों के जवाब नहीं मिलते हैं...