जब छोड़ दे सब हांथ तुम्हारा
पकड़ लेना मेरा हांथ
मैं कुछ नहीं बोलू गी...
जब कोई सुने ना तुम्हे
आ जाना मेरे पास
मैं कुछ नहीं बोलू गी...
जब उदास हो
लगा लेना गला
मैं कुछ नहीं बोलू गी...
लेकिन क्या ?
तुम मेरे मैं भी आओ गे
क्या तुम भी हर लोगो की
तरह तुम भी मुकर जाओगे ...
by kashish