पहली बार तुम्हें देखा तो दिल हार गए,
अनजाने में ही सही, हद से पार गए।
नज़रों से नज़रें मिलीं और दिल धड़क उठा,
चुपके से एक मीठा सा अहसास जाग उठा।
तुम्हारी हर बात पर यूँ मुस्कुराना,
बिना वजह ही बस तुम्हें सोचते जाना।
ना कोई शर्त थी, ना कोई शिकायत थी,
यह पहला प्यार बस एक मासूम सी चाहत थी।
आज भी जब याद आती है वो पहली मुलाकात,
आँखों में तैर जाती है वो हसीं बरसात।