किसी बगीचे में एक माली ने एक मुस्कुराते हुए फूल से पूछा क्या बात है बहुत मुस्कुरा रहे हो आखिर तुम इतने खुश क्यों हो फूल ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया मुझे इस दुनिया में अपनी महक फैलाना अच्छा लगता है मुझे अच्छा लगता है जब लोग मुझे देखकर खुश होते हैं जब तितलियां मुझ पर मंडराती है माली ने कहा तुम्हें डर नहीं लगता क्या की तुम्हें यहां से तोड़ लिया जाएगा फिर तुम या तो किसी को भेंट कर दिए जाओगे या फिर किसी सजावट में लग जाओगे या तो किसी देवता के चरणों में चढ़ा दिए जाओगे या फिर अगर तुम्हें नहीं भी तोड़ा गया तो भी एक दिन तुम इस डाली से अपने आप ही गिर जाओगे फूल ने कहा जो मेरी किस्मत है उससे डरना कैसा लेकिन जब तक मैं यहां इस बगीचे में खिल रहा हूं तब तक तो खुश हो सकता हूं शायद हम सभी यही करते हैं भविष्य की इतनी चिंता करते हैं कि उस फूल की तरह अपने आज में खुश रहना भूल जाते हैं