नर्म बिस्तरों पर सिमटी हुई यह रात,
और तुम्हारी साँसों की मीठी सी बात।
मीठे ख़्वाबों में ढलती हुई यह शाम,
दिल की हर धड़कन लिखे तेरा ही नाम।
उलझी हुई ज़ुल्फ़ें, शरमाती हुई मुस्कान,
तुम्हारे एक दीदार से थमने लगी है जान।
चुपके से पास आके यूँ ही मुस्कुराना,
सारे जहाँ को भूल बस तुझमें खो जाना।
न कोई शोर, न ज़माने की फ़िक्र,
बस थामे रहे दिल एक-दूसरे का हाथ।