कविता आया शुभ दिन आया
कवयित्री डॉ वंदना शर्मा
आया शुभ दिन आया
गणेश चतुर्थी का दिन आया
बड़े प्यार से इस दिन
अपने घर बुलाते हैं बप्पा को
ढोल नगाड़े बजा होकर मगन
चहुं दिशा गूंजे नाचे गगन
फिर क्यूं करते हो विदा घर से
रहने दो घर में ही, सेवा करो दिल से
विघ्न हर्ता हरेंगे सारे क्लेश
पहले दिल से दो सम्मान उन्हें
मत करो विसर्जन
मत बनो भीड़ का हिस्सा
जहां गणपति रहते हैं
बिगड़े काम भी बन जाते हैं
सबके कष्ट वे हर लेते
रिद्धि सिद्धि सबको देते
भर देते धन धान्य से
सबके घर-भंडार
प्रथम पूज्यते गणेश
रहते जिस घर द्वार
धन धान्य की कमी न हो
सुखी रहे वो परिवार
डॉ वंदना शर्मा नई दिल्ली