दिल्ली में दो पीजी की बिल्डिंग गिर गई है सबने न्यूज़ देखी होगी कुछ लोग कह रहे हैं सही आंकड़ा छुपाया जा रहा है पीजी का मालिक अरेस्ट हो चुका है और शायद उस अफसर को भी सस्पेंड कर दिया गया है जिसमें इस मामले को देखा था शायद रिश्वत लेकर जो भी लीज होती है वह पास करवा दी थी पर मेरा सवाल यह है क्या यह सब करके उन स्टूडेंट की जान वापस आ जाएगी इससे पहले भी शायद किसी पीजी में ही आग लग गई थी वहां भी स्टूडेंट की जान गई थी आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा सरकार चाहे बीजेपी की हो या कांग्रेस की जिम्मेदारी तो लेनी पड़ेगी जिन लोगों ने वहां हॉस्टल या पीजी बनाने की परमिशन दी चलाने की परमिशन दी उन्होंने कभी ठीक से जांच पड़ताल क्यों नहीं की अगर किसी ने भी अपनी जिम्मेवारी समझी होती तो आज उन स्टूडेंट की जान बच सकती थी इतनी पुरानी बिल्डिंग को ऊपर से नया बनवा कर यह जानते हुए भी की उसकी नींव कमजोर है आप उसमें पीजी कैसे चला सकते हैं वह स्टूडेंट वह कितने सपने लेकर आए होंगे यहां पढ़ने के लिए और क्या हुआ उनके साथ और प्लीज यहां तो तकदीर या भगवान को दोष देना ही मत क्योंकि मैं देखती हूं अभी कुछ लोग ऐसे हैं जो हर बात में इन चीजों को ढाल बनाने लग जाते हैं कोई भी हादसा हो जाए अरे भगवान ने क्यों नहीं बचाया अरे तकदीर खराब थी अरे तुम्हारे पास भगवान ने खुद का दिमाग दिया है ना तुमने रिश्वत ली तुमने उस बिल्डिंग में परमिशन दी अगर किसी ने भी थोड़ी जांच की होती तो शायद यह सब नहीं होता हर चीज इंस्टाग्राम पर रिल बनाने से सॉल्व नहीं होती यह पूरा सिस्टम दोषी है उन बेचारे निर्दोष लोगों की जान गंवाने के लिए आखिर यह सब कब तक चलता रहेगा उन बच्चों के परिवारों ने जो खोया क्या कोई भी मुआवजा उन्हें वापस दे सकता है वह सब कुछ उनके सपने पता नहीं कितने दूर से किस शहर से आए होंगे पढ़ने के लिए और उन्हें क्या पता उनके साथ क्या होने वाला है पैसे लेते समय तो सब आगे आ जाते हैं जब जिम्मेदारी लेने की बात आई तो हर कोई पीछे क्यों हट गया