विचार और सुविचार
मन के गहरे सागर में,
उठती हैं लहरें हर पल।
कोई शांत, कोई तूफानी,
विचार बदलते हैं कल-कल।
जो भी मन में आए बात,
वह बस एक विचार है।
अच्छा-बुरा या साधारण,
सोच का वह विस्तार है।
पर जब उस सोच में घुल जाए,
नेक भावना और सद्ज्ञान।
बन जाता है वह सुविचार,
जो देता जीवन को सम्मान।
विचार दिशा भटका सकता,
सुविचार दिखाता है राह।
एक बदलता केवल मन को,
दूजा देता सुंदर ताह।
चुनें सुविचारों को हरदम,
मन का आँगन महक उठे।
नेक सोच के दीप जलाकर,
जीवन का हर कोना सज उठे।