ज़िंदगी है तो ज़िंदा हूँ, मौत आती तो मर जाते,
मौत आती तो क्या डर जाते?
अरे हम वो हैं जो हद से गुज़र जाते,
अगर जिस्म मिट भी जाता, तो इतिहास अमर कर जाते।
इस मायावी रंगमंच पर, हम तो बस अभिनय कर जाते।
यह आना-जाना खेल मात्र है, आत्मा तो अविनाशी है,
वरना मिट्टी के ये पुतले, कब के खाक में मिल जाते।