काश मेरे भी एक भाई होता ,
घर की जिम्मेदारियों का बोझ मुझ पर ना होता ।
कुत्ते - बिल्लियों की तरह दिन- भर उससे लड़ती रहती ,
फिर भी अपनी जान से बढ़कर उसको रखती।
राखी का त्यौहार दिवाली से कम नहीं मनाती,
हा रक्षाबंधन वाले दिन फनी reels उसके साथ बनाती ।
" बता ना क्या दिलाएगा मुझे रक्षाबंधन पर" यह पूछ- पूछ कर उसका जीना हराम कर देती।
भाई के होने से मेरा काम हल्का हो जाता,
घर का वंश आगे बढ़ जाता।
होता किसी से झगड़ा मेरा,
मैं भी अकड़ के साथ कह पाती " तुझे मेरा भाई देख लेगा"
आता है रक्षाबंधन का त्यौहार जब,
मन मेरा रोने को करता है।
ना राखी खरीदने का दिल करता है,
ना ही यह त्यौहार मनाने की उमंग होती है ।
तुम्हारी ही कमी है भाई,
बस इसी बात पर जिंदगी आकर रूकी है।
होता तेरा साथ तो में बेफिक्र हो जाती,
परीक्षा दिलाने की बात हो, या फिर सारी दुनियादारी से बेखबर हो जाती।
महफूज़ रहती तेरा साथ तो किसी की नजर मुझ पर ना पड़ती,
काश एक भाई होता तो मैं बिन भाई की बहन नहीं कहलाती।।
✍️ अंतिमा 😊