जो दर्द इन पन्नों पर महीनों तक खामोश रहा, जो अधूरापन मेरी अपनी जिंदगी के टूटे हुए रिश्तों और उस गहरे ब्रेकअप के सन्नाटे में गूंजता रहा... वो अब इस कहानी की रूह बनकर दौड़ेगा।
जब सब कुछ बिखर जाता है, तब एक लेखक का वजूद सिर्फ उसकी कलम से ही जिंदा रहता है। महीनों की इस लंबी खामोशी के बाद, मैं सिर्फ एक कमबैक नहीं कर रहा, बल्कि अपने उस हर जख्म को इस कहानी की ताकत बना रहा हूँ जो मुझे अंदर तक तोड़ गए थे।
आप लोगों का बेइंतहा प्यार, सब्र और यह लंबा इंतजार ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा है। रास्ते मुश्किल थे, पर मेरा जज्बा नहीं टूटा। अब तैयार हो जाइए, क्योंकि परछाइयों और नफरत के इस खेल का अगला पन्ना बहुत खौफनाक और खतरनाक होने वाला है—अब रफ्तार कभी धीमी नहीं पड़ेगी!
— अयान: नफरत की आग या वजूद की तलाश