किस मंदिर में मांगू तुझे की
मै प्रेमिका नहीं अर्धांगिनी कहलाऊं
तुझे छिप छिप कर नहीं सरेआम
अपना बनाऊं
मै भी तेरे नाम का सिंदूर लगाऊं
तुझे अपना बना कर तेरी अर्धांगिनी कहलाऊं
तुम रोज कहते हो कब आओगी
मेरी दुल्हन बन कर
मै दुनिया को मनाऊं फिर तेरी
दुल्हन बन कर आऊ
अब तू ही बता तुझे मांगने किस मंदिर जाऊ!!🫠
लक्ष्मी~